चीन में जागा समुद्री दैत्य; डॉल्फिन ने सबसे बड़ा शहर शंघाई किया तबाह, 10 लाख से ज्यादा लोग बेघर
punjabkesari.in Monday, Aug 10, 2026 - 05:22 PM (IST)
Bejing: चीन की तकनीकी ताकत और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर भी इस वक्त कुदरत के एक बड़े इम्तिहान के सामने बेबस नजर आ रहा है। टाइफून डॉल्फिन ने पूर्वी चीन में भारी तबाही मचाई है। सबसे ज्यादा असर शंघाई में देखने को मिला, जहां कुछ इलाकों में रिकॉर्ड बारिश ने सड़कों को नदियों में बदल दिया। प्रशासन को बड़े पैमाने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा, जबकि हवाई और रेल सेवाओं पर भी असर पड़ा। टाइफून डॉल्फिन ने 9 अगस्त को झेजियांग प्रांत के युहुआन के पास चीन के तट पर दस्तक दी। उस समय तूफान की अधिकतम हवा की रफ्तार करीब 42 मीटर प्रति सेकंड यानी 151 किलोमीटर प्रति घंटा बताई गई।
Over 1 million people evacuated. 1,300+ flights cancelled. Ports shut.
— Rizwan Ashraffi (@rizwanace) August 10, 2026
Typhoon Dolphin made landfall in #China 's Zhejiang province, unleashing powerful winds and torrential rain across the eastern coast.#Shanghai also activated major emergency measures as authorities prepared… pic.twitter.com/0Ivnb1JJRw
तट से टकराने के बाद तूफान कमजोर होकर उष्णकटिबंधीय तूफान में बदल गया, लेकिन इसका असर खत्म नहीं हुआ। इसके कारण शंघाई, झेजियांग और जियांग्सू समेत कई इलाकों में भारी बारिश का खतरा बना रहा। टाइफून का सबसे बड़ा असर शंघाई में दिखाई दिया। शहर के एक मौसम केंद्र ने 24 घंटे के दौरान बेहद भारी बारिश दर्ज की, जिसे पिछले करीब डेढ़ सदी में सबसे ज्यादा बारिश बताया जा रहा है। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक, एक दिन में करीब 220 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज की गई। इतनी बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया और सड़कें पानी से भर गईं। कई जगहों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए, जिनमें सड़कें पानी में डूबी नजर आईं।
‘वेनिस’ जैसा बना शंघाई
शंघाई में हालात ऐसे हो गए कि कई इलाकों में सड़कें और निचले क्षेत्र पानी में डूब गए। घनी आबादी वाले इस शहर में बड़ी मात्रा में कंक्रीट और पक्की सड़कें होने के कारण बारिश का पानी तेजी से जमीन में नहीं समा पाता। इस वजह से भारी बारिश के दौरान जलभराव और बाढ़ का खतरा और बढ़ जाता है। मौसम विभाग ने कुछ क्षेत्रों में आने वाले दिनों के दौरान 200 से 400 मिलीमीटर तक अतिरिक्त बारिश की आशंका जताई थी। हालात बिगड़ने के बाद प्रशासन ने बड़े पैमाने पर लोगों को संवेदनशील इलाकों से बाहर निकाला।रिपोर्ट के अनुसार, रविवार शाम तक अकेले शंघाई में करीब 2 लाख 15 हजार 600 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
झेजियांग प्रांत में भी 9 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित किया गया और बड़ी संख्या में आपातकालीन शेल्टर खोले गए। फुजियान में भी करीब 99 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। इस तरह पूर्वी चीन में कुल मिलाकर 10 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की जानकारी सामने आई है। भारी बारिश और तूफान का असर चीन के परिवहन नेटवर्क पर भी पड़ा। शंघाई के दोनों प्रमुख हवाई अड्डों से 1,300 से ज्यादा उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। बंदरगाहों पर भी कामकाज प्रभावित हुआ और कई जगहों पर उन्हें बंद करना पड़ा। रेलवे स्टेशनों और ट्रैक के आसपास पानी भरने से ट्रेन सेवाओं पर भी असर पड़ा। सड़कों पर जलभराव के कारण यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। तूफान कमजोर जरूर हुआ है, लेकिन खतरा पूरी तरह टला नहीं है।
मौसम विभाग के मुताबिक शंघाई, झेजियांग और जियांग्सू सहित कई इलाकों में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बना रह सकता है। प्रशासन ने लोगों से भारी बारिश के दौरान घरों के अंदर रहने और स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। चीन पहुंचने से पहले टाइफून डॉल्फिन का असर जापान के ओकिनावा क्षेत्र में भी देखने को मिला था। वहां तेज हवाओं और खराब मौसम के कारण कुछ लोग घायल हुए और बड़ी संख्या में इमारतों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। शंघाई दुनिया के सबसे बड़े और आधुनिक महानगरों में शामिल है, लेकिन इस घटना ने दिखा दिया कि अत्यधिक बारिश के सामने बड़े शहरों का इंफ्रास्ट्रक्चर भी चुनौती में आ सकता है।
