''मौत अंतिम सच नहीं, विज्ञान से संभव है सेमी-इमॉर्टैलिटी'', एलन मस्क का चौंकाने वाला दावा

punjabkesari.in Monday, Jan 12, 2026 - 11:22 PM (IST)

इंटरनेशनल डेस्कः टेस्ला, स्पेसएक्स और X (ट्विटर) के मालिक एलन मस्क एक बार फिर अपनी सोच से पूरी दुनिया को हैरान कर रहे हैं। इस बार उन्होंने इंसान की मौत और उम्र को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। मस्क का कहना है कि मौत कोई अंतिम सच्चाई नहीं, बल्कि यह एक ऐसी जैविक (बायोलॉजिकल) समस्या है, जिसे विज्ञान की मदद से बदला या नियंत्रित किया जा सकता है।

क्या बोले एलन मस्क?

एक हालिया पॉडकास्ट में एलन मस्क ने कहा कि इंसान सेमी-इमॉर्टैलिटी यानी बहुत लंबी और स्वस्थ जिंदगी जी सकता है। उनका मानना है कि “बुढ़ापा एक जैविक प्रोग्राम की तरह काम करता है, जिसमें शरीर के सभी अंग एक साथ कमजोर होते जाते हैं। अगर इस प्रोग्राम को समझ लिया जाए और इसमें बदलाव कर दिया जाए, तो उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा या रोका जा सकता है।” मतलब, इंसान की उम्र को कंट्रोल किया जा सकता है।

सेमी-इमॉर्टैलिटी क्या होती है?

सेमी-इमॉर्टैलिटी का मतलब है –  पूरी तरह अमर होना नहीं, लेकिन 150–200 साल तक स्वस्थ रहकर जीना। यानी इंसान लंबे समय तक जवान और एक्टिव रह सकता है।

पूरी अमरता को बताया खतरनाक

एलन मस्क ने यह भी कहा कि अगर इंसान पूरी तरह अमर हो जाए तो यह समाज के लिए खतरनाक हो सकता है।

क्यों?

  • आबादी बहुत ज्यादा बढ़ जाएगी

  • संसाधन खत्म हो सकते हैं

  • नई पीढ़ियों को मौका नहीं मिलेगा

लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि लंबी और स्वस्थ जिंदगी देना अब तकनीक से संभव होता जा रहा है।

टेक दिग्गज भी कर रहे हैं निवेश

सिर्फ एलन मस्क ही नहीं, बल्कि Sam Altman (OpenAI के CEO), Bryan Johnson (एंटी-एजिंग एक्सपर्ट) जैसे बड़े टेक लीडर्स भी एंटी-एजिंग और लंबी उम्र से जुड़ी रिसर्च में अरबों डॉलर लगा रहे हैं। इनका मकसद है शरीर को जल्दी बूढ़ा होने से रोकना, बीमारियों को खत्म करना औरन इंसान को 100+ साल तक फिट रखना।

क्या सच में इंसान लंबा जी सकेगा?

वैज्ञानिकों का मानना है कि स्टेम सेल, जेनेटिक थेरेपी, AI से दवाइयों की खोज और शरीर के अंगों की रिपेयर जैसी तकनीकों से आने वाले समय में इंसान आज से कहीं ज्यादा लंबा और स्वस्थ जीवन जी सकता है।


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Content Writer

Pardeep

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