Khamenei Body Mystery : न उठा जनाजा, न दफनाया तो फिर कहां है खामेनेई का पार्थिव शरीर? जानें पूरा सच
punjabkesari.in Monday, Mar 02, 2026 - 04:29 PM (IST)
Where is Khamenei's body : ईरान द्वारा बीते दिनों सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का ऐलान किया गया था। ईरान के नेता की मौत के बाद लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा था कि खामेनेई का शव कहां हैं? क्या शव को दफना दिया गया है या फिर युद्ध शांत होने के बाद दफनाया जाएगा? 28 फरवरी (शनिवार) को उनके आवास पर हुए भीषण हमले के बाद से अब तक न तो उनके शव की कोई तस्वीर सामने आई है और न ही अंतिम संस्कार को लेकर ईरान सरकार ने कोई आधिकारिक जानकारी साझा की है।
शव को लेकर किए जा रहे हैं ये दावे
UAE के एक अखबार खलीज टाइम्स के अनुसार, यह हमला उस वक्त हुआ जब खामेनेई अपने सुरक्षा सलाहकार अली शमखानी और रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख मोहम्मद पाकपूर के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक कर रहे थे। वहीं एक अन्य अखबार में ऐसा दावा है कि हमला इतना जबरदस्त था कि सर्वोच्च नेता का शरीर बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया था। रिपोर्टों के अनुसार, मलबे से शव निकालने के बाद उसकी तस्वीरें ली गईं, जिसे बाद में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू को पुख्ता सबूत के तौर पर भेजा गया।

मोसाद के कब्जे में थे दस्तावेज?
इजरायली मीडिया आउटलेट 'कान' के मुताबिक, हमले के तुरंत बाद मोसाद एजेंट्स ने कुछ समय के लिए शव को अपने नियंत्रण में लिया था। उन्होंने आवश्यक दस्तावेजीकरण प्रक्रिया पूरी की और सबूत जुटाने के बाद शव को वहीं छोड़ दिया। इन दस्तावेजों को तुरंत इजरायली नेतृत्व को भेज दिया गया था, हालांकि ईरान की ओर से इस दावे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
अंतिम संस्कार के दो संभावित ठिकाने
ईरान में खामेनेई के अंतिम संस्कार को लेकर दो मुख्य स्थानों पर चर्चा तेज है:
- तेहरान (बेहश्त-ए ज़हरा): यहाँ ईरान के पहले सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खुमैनी को दफनाया गया था। परंपरा के लिहाज से यह पहली पसंद हो सकता है।
- मशहद (पवित्र शहर): यह खामेनेई का गृह नगर है। यहाँ शिया धर्म के आठवें इमाम की मजार है और पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी को भी यहीं सुपुर्द-ए-खाक किया गया था।
क्या जंग रुकने का हो रहा है इंतजार?
राजनयिक गलियारों में यह कयास भी लगाए जा रहे हैं कि ईरान फिलहाल युद्ध की स्थिति के कारण अंतिम संस्कार को टाल रहा है। इससे पहले हिजबुल्लाह प्रमुख हसन नसरुल्लाह का अंतिम संस्कार भी उनकी मृत्यु के 5 महीने बाद किया गया था। विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षा कारणों से ईरान आधिकारिक घोषणा करने से बच रहा है।

