ऑस्ट्रेलिया में आग उगलती धूप, यूरोप में बर्फीला तूफान, पूरी दुनिया पर मौसम का कहर, भारत भी असर से अछूता नहीं

punjabkesari.in Saturday, Jan 10, 2026 - 10:11 PM (IST)

नेशनल डेस्कः देश और दुनिया में मौसम का मिजाज तेजी से बदलता नजर आ रहा है। कहीं भीषण गर्मी और हीट वेव लोगों को बेहाल कर रही है, तो कहीं भारी बारिश और बर्फीले तूफान ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारत से लेकर ऑस्ट्रेलिया और यूरोप तक, हर जगह मौसम की मार साफ दिखाई दे रही है।

भारत में पहाड़ों पर कम हुई बर्फबारी

मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट वेदर के अनुसार, भारत में साल 2025 के दौरान पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी सामान्य से कम रही है। आमतौर पर अक्टूबर के मध्य से पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय को प्रभावित करने लगते हैं। नवंबर में बारिश और बर्फबारी शुरू हो जाती है। दिसंबर में 1-2 शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ मध्यम से भारी बर्फबारी कराते हैं

लेकिन 2025 में यह सामान्य चक्र देखने को नहीं मिला। स्काईमेट के मुताबिक, 2024 में भी ऐसा ही शुष्क पैटर्न देखने को मिला था, जिससे लगातार दूसरे साल पहाड़ों पर बर्फ की कमी दर्ज की गई।

ऑस्ट्रेलिया में आग बरसाती धूप, रिकॉर्ड तोड़ गर्मी

दुनिया के दूसरे हिस्सों में हालात और भी ज्यादा चिंताजनक हैं। ऑस्ट्रेलिया के कई राज्यों में भयंकर हीट वेव का असर देखा जा रहा है। स्काईमेट वेदर के अनुसार दक्षिण ऑस्ट्रेलिया, विक्टोरिया और न्यू साउथ वेल्स के उत्तरी हिस्सों इन इलाकों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है।

पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में टूटा गर्मी का रिकॉर्ड

पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में हीट वेव ने कई पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। कई जगहों पर तापमान 50 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया।

राज्य के उत्तरी तट पर स्थित ऑनस्लो एयरपोर्ट पर 7 जनवरी को तापमान 49 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, हालांकि यह ऑस्ट्रेलिया का अब तक का सबसे ज्यादा तापमान नहीं था, लेकिन उस दिन ऑनस्लो एयरपोर्ट दुनिया का सबसे गर्म स्थान बन गया।

इसके अलावा मेलबर्न में साल 2020 के बाद का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ।

यूरोप में बर्फीला तूफान और भारी बारिश

जहां ऑस्ट्रेलिया तप रहा है, वहीं यूरोप बर्फ और तूफान की चपेट में है।

UK में तूफान ‘गोरट्टी’ का कहर

यूनाइटेड किंगडम (UK) में तूफान गोरट्टी ने भारी तबाही मचाई। मूसलाधार बारिश, तेज हवाएं और लगातार बर्फबारी, इन सबने देश के बड़े हिस्से को प्रभावित किया।

उत्तरी यूरोप में हालात बिगड़े

पूरे उत्तरी यूरोप में भारी बर्फबारी देखने को मिली, कई हवाई अड्डों के रनवे बंद करने पड़े। फ्लाइट ऑपरेशंस प्रभावित हुए, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी हुई।

नीदरलैंड्स से लेकर फ्रांस तक असर

नीदरलैंड्स में रेल और सड़क नेटवर्क बर्फ और खराब मौसम की वजह से ठप हो गया

  • तूफान का असर

    • फ्रांस

    • जर्मनी

    • स्वीडन

    • फिनलैंड

    • वेल्स
      तक देखने को मिला

इन देशों में बर्फीले तूफान और कड़ाके की ठंड ने हालात और भी मुश्किल बना दिए।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Pardeep

Related News