ईरान युद्ध का असर! खाड़ी में उड़ानें ठप्प, हजारों यात्री फंसे ! लाखों यूरो देकर यूरोप भाग रहे अमीर

punjabkesari.in Wednesday, Mar 04, 2026 - 12:43 PM (IST)

International Desk: ईरान युद्ध के खाड़ी क्षेत्र तक फैलते ही हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हो गया है। दुबई, अबू धाबी और दोहा जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के अस्थायी बंद होने से हजारों यात्री फंस गए हैं। जहां आम लोग उड़ानों के दोबारा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं, वहीं संपन्न यात्री भारी रकम चुकाकर वैकल्पिक सुरक्षित हवाई अड्डों से यूरोप के लिए रवाना हो रहे हैं।

 

कौन-कौन से एयरपोर्ट प्रभावित?
पिछले सप्ताहांत जंग तेज होने के बाद Dubai, Abu Dhabi, Doha के प्रमुख हवाई अड्डों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया।इस फैसले के बाद चार्टर विमानों की मांग अचानक बढ़ गई। रिपोर्ट्स के अनुसार खाड़ी से यूरोप तक निजी जेट का किराया 1.5 लाख से 2 लाख यूरो तक पहुंच गया है।  सामान्य दिनों में रियाद से पुर्तगाल के पोर्टो तक 16 सीट वाले जेट की कीमत लगभग 1 लाख यूरो होती है। अब यह कीमत लगभग दोगुनी हो चुकी है। फ्रांस की निजी विमानन कंपनी Jet-VIP के सीईओ अल्ताय कुला ने कहा कि मांग इतनी ज्यादा है कि जरूरत के मुताबिक विमान उपलब्ध नहीं हो पा रहे। वहीं Vimana Private Jets के सीईओ अमीर नाराण के मुताबिक किराया प्रस्थान स्थल, विमान के प्रकार और जोखिम के आधार पर तय हो रहा है।

 

सड़क मार्ग से पलायन
कई यात्री सड़क मार्ग से  करीब 4 घंटे दूर Muscat, 10 घंटे से अधिक दूरी पर Riyadh पहुंच रहे हैं। सीमा चौकियों पर भारी भीड़ है। ब्रिटेन की सुरक्षा कंपनी Alma Risk के अधिकारी इयान मैककॉल के अनुसार ओमान सीमा पर प्रतीक्षा समय 4 घंटे तक पहुंच चुका है। निजी सुरक्षा कंपनियां हजारों डॉलर लेकर लोगों को सुरक्षित एयरपोर्ट तक पहुंचा रही हैं।

 

क्या बदल गया खाड़ी का समीकरण?
दुबई और दोहा जैसे शहर लंबे समय से मध्य पूर्व के सबसे सुरक्षित और शानदार ट्रांजिट हब माने जाते रहे हैं। लेकिन युद्ध के खतरे ने स्थिति बदल दी है।  अमीर लोग निजी जेट से निकल रहे हैं। आम यात्री फंसे हुए हैं। चार्टर और सुरक्षा सेवाओं की कीमतें आसमान छू रही हैं। यह स्थिति दिखाती है कि युद्ध केवल सीमा पर नहीं, बल्कि वैश्विक परिवहन और आम जीवन पर भी गहरा असर डालता है।

 

 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Tanuja

Related News