ट्रंप का अल्टीमेटम: हॉर्मुज खोलो वर्ना भुगतो तबाही ! सऊदी ने फौरन बंद किया बड़ा पुल, ईरानी खतरे से सहमा मिडल ईस्ट
punjabkesari.in Tuesday, Apr 07, 2026 - 12:01 PM (IST)
International Desk: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बाद सऊदी अरब ने ईरानी हमलों के खतरे को देखते हुए किंग फहद कॉजवे को मंगलवार तड़के बंद कर दिया। यह पुल बहरीन को सड़क के जरिए जोड़ने वाला एकमात्र मार्ग है, इसलिए इसका बंद होना रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।अधिकारियों के अनुसार, सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत को निशाना बनाए जाने की आशंका के चलते एहतियातन वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। यह इलाका तेल उत्पादन के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है। ट्रंप ने हॉर्मुज न खोलने पर ईरान पर बमबारी की धमकी दी है।
JUST IN 🇮🇷🇺🇸: Saudi Arabia closes the King Fahd Bridge linking it to Bahrain
— Ryan Rozbiani (@RyanRozbiani) April 7, 2026
They might be expecting Iran to hit it after the U.S. hits Iranian bridges after taking off from Saudi Arabia. https://t.co/WtJT2Trx8K pic.twitter.com/lA3FoZ9JLU
इस बीच, ईरान ने सऊदी अरब पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हालांकि, इन्हें हवा में ही रोक लिया गया, लेकिन उनके टुकड़े ऊर्जा केंद्रों के पास गिरे, जिससे खतरा और बढ़ गया। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ा अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर हॉर्मुज जलडमरूमध्य को तय समय तक नहीं खोला गया, तो ईरान के बिजली संयंत्रों और पुलों पर हमला किया जाएगा। ट्रंप ने यहां तक कहा कि “पूरा देश एक रात में खत्म किया जा सकता है।”
🚨BREAKING: Traffic movement on the King Fahd Causeway, a key bridge that connects Saudi Arabia to Bahrain, has been suspended due to Iranian air raid threats. https://t.co/PYPBfNhlTF pic.twitter.com/uX76Gfhbj7
— The Middle East (@A_M_R_M1) April 7, 2026
इसी दौरान इज़राइल ने भी ईरान में संभावित हमलों को लेकर लोगों को ट्रेन से दूर रहने की चेतावनी दी है। वहीं ईरान ने युवाओं से अपील की है कि वे पावर प्लांट्स के चारों ओर मानव श्रृंखला बनाकर उनकी रक्षा करें। युद्ध के चलते तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है और ब्रेंट क्रूड 111 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुतारेस ने कहा है कि नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमला अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन होगा। वहीं क्रिस्टोफर लक्सन ने भी ऐसे कदमों को अस्वीकार्य बताया है। हालांकि, बढ़ते तनाव के बीच कूटनीतिक बातचीत जारी है, लेकिन स्थिति अभी भी बेहद नाजुक बनी हुई है।
