उसने मुझे कंबल के अंदर से छुआ... लॉकअप 2 में Ram Kapoor का छलका दर्द, बोलें- 8वीं कक्षा में मेरे साथ शोषण हुआ था
punjabkesari.in Sunday, Jul 12, 2026 - 05:53 PM (IST)
Ram Kapoor Secret : 'लॉक अप का सीजन 2 आए दिन कोई न कोई बड़ा राज खोल रहा है। अब हाल ही में एलिमिनेशन से बचने के लिए राम कपूर को कुछ ऐसा बताना था, जो पहले किसी को नहीं बताया हो। इस वजह से उन्होंने अपने बचपन का एक ऐसा किस्सा शेयर किया, जो उन्होंने हमेशा से छुपा कर रखा था। उनकी यह बात सुनकर वहां बैठे काफी लोग भावुक हो गए। इतना ही नहीं इस शो की होस्ट फराह खान भी अपनी भावनाओं को रोक नहीं पाईं और उनकी आंखें भी नम हो गईं।

बचपन में क्या हुआ था राम कपूर के साथ ?
शो में राम कपूर ने बताया कि जब वो 13 साल के थे और 8वीं कक्षा में पढ़ते थे, उस दौरान मुझे परेशान किया जाता था यानि की मेरा शोषण हुआ था।
स्कूल खत्म होने के बाद, हम सभी छात्र अक्सर हॉस्टल के कमरे में बैठकर बातें किया करते थे। एक दिन, दसवीं कक्षा का एक लड़का मेरे पास मेरे बिस्तर पर आकर बैठ गया और अचानक कम्बल के अंदर मुझे गलत तरीके से छूने लगा। उस समय कमरे में करीब 30-40 बच्चे और भी मौजूद थे लेकिन मैं डर और गहरे सदमे के कारण पूरी तरह सुन्न हो गया। मैं चाहकर भी कोई विरोध नहीं कर पाया और वह अपनी हरकतें करता रहा।
सदमे में चला गया था
राम कपूर ने आगे बताया कि उस समय वह पूरी तरह असमंजस में थे। उन्हें समझ नहीं आ रहा कि विरोध करें, चुप रहें या मदद के लिए आवाज उठाएं। काफी देर तक वह डर और सदमे में कुछ नहीं बोल पाए। आखिरकार उन्होंने हिम्मत जुटाकर सामने वाले से कहा कि उन्हें यह सभी बिल्कुल अच्छा नहीं लग रहा। इतना सुनने के बाद वो वहां से चला गया।

राम ने बताया कि इस घटना का उन पर गहरा मानसिक असर पड़ा। इसके बाद उनका स्वभाव बदल गया और वह पहले से ज्यादा शांत रहने लगे। वह लंबे समय तक उस सदमे से उबर नहीं पाए। हालांकि, कुछ हफ्तों बाद वह छात्र उनके पास आया और अपनी गलती के लिए माफी मांगी। इसके बाद जब भी दोनों की मुलाकात होती, वह अपने व्यवहार पर पछतावा जताता और यह एहसास दिलाने की कोशिश करता कि उसे अपनी गलती का अफसोस है।
इस अनुभव के बाद मुझे LGBTQ कम्युनिटी से कोई डर नहीं
इसके बाद राम कपूर ने बताया कि जिस व्यक्ति ने उन्हें सदमा दिया, उसी व्यक्ति ने खुद इस परेशानी से निकलने मैं मेरी मदद की। आपको शायद यह सुनने के अजीब लगे लेकिन बाद में मेरी उस व्यक्ति से दोस्ती हो गई थी। इसी के साथ उन्होंने बताया कि उनकी यह बात आज तक उनके माता-पिता को भी नहीं पता है।
उस समय को याद करते हुए आज भी मुझे बहुत दुःख होता है लेकिन उन्होंने कहा कि इस वजह से मेरी सोच काफी बदली है। अब मुझे LGBTQ+ समुदाय से कोई डर नहीं है। आज भी जब में इस समुदाय के लोगों से मिलता हूं, उन्हें बहुत अच्छा और अपनाना महसूस होता है।

