किसान के बेटे से सिविल इंजीनियर और फिर लेखक, पॉकेट एफएम पर वैभव बच्छाव की कहानी

punjabkesari.in Thursday, Feb 26, 2026 - 11:21 AM (IST)

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। आज हजारों श्रोता ब्रह्मांड का रक्षक नाम की फैंटेसी ऑडियो सीरीज़ की दुनिया से जुड़े हुए हैं, जिसे वैभव बच्छाव ने लिखा है। पौराणिक तत्व, एक्शन, ह्यूमर और रोमांस से भरी यह कहानी धीरे-धीरे एक मजबूत फैन बेस बना चुकी है, जहां लोग हर एपिसोड का इंतज़ार करते हैं और किरदारों के सफर को लगातार फॉलो करते हैं। प्लेटफॉर्म की बढ़ती फैंटेसी कम्युनिटी में वैभव अब एक पहचाने जाने वाले लेखक बन चुके हैं, जिन्हें इमोशनल किरदारों और लंबी कहानी कहने की शैली के लिए जाना जाता है।

लेकिन इस काल्पनिक दुनिया को बनाने वाला रचनाकार किसी पब्लिशिंग, मीडिया या एंटरटेनमेंट बैकग्राउंड से नहीं आता। वैभव का बचपन नासिक के एक किसान परिवार में बीता, जहां करियर के फैसले व्यवहारिक सोच से तय होते थे। पिता की उम्मीदें पूरी करने के लिए उन्होंने मालेगांव से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और बाद में स्थिर नौकरी के लिए भुज की ब्रोमीन इंडस्ट्री में काम शुरू किया। लिखना कभी करियर नहीं था, बस एक खामोश इच्छा थी जो उनके साथ रही।

किताबें उनका पहला रचनात्मक सहारा बनीं। उनका मानना है कि लेखक बनने से पहले अच्छा पाठक बनना जरूरी है। नौकरी और व्यवस्थित जीवन शुरू होने के बाद भी कहानियां लिखने की चाह खत्म नहीं हुई। असली मोड़ तब आया जब उन्हें पता चला कि पॉकेट एफएम पर सिर्फ सुनना ही नहीं, लिखना भी संभव है। 2024 में उन्होंने अपनी पहली ऑडियो सीरीज़ ब्रह्मांड का रक्षक पर काम शुरू किया। वह सूर्योदय से पहले, ऑफिस के बाद, सफर के दौरान और देर रात तक लिखते रहे। यह प्रक्रिया उनके लिए बेहद निजी हो गई; कई बार भावनात्मक दृश्यों को लिखते समय वे खुद भी भावुक हो जाते थे। फैंटेसी ने उन्हें अपनी कल्पना की पूरी दुनिया बनाने का मौका दिया: नायक, खलनायक, रिश्ते और हास्य, जिसे वे वर्षों से सोचते थे लेकिन सच होने की उम्मीद नहीं करते थे।

जो शुरुआत में सिर्फ एक रचनात्मक जरिया था, वह धीरे-धीरे आर्थिक रूप से भी मायने रखने लगा। एक साल के भीतर उनकी लेखन से होने वाली कमाई उनकी नौकरी की सैलरी के बराबर हो गई और अब उन्हें उम्मीद है कि यह उससे आगे निकल जाएगी। वैभव के लिए यह सिर्फ निजी सफलता नहीं, बल्कि परिवार की सुरक्षा और एक पुराने सपने की स्वीकृति थी।

वैभव बच्छाव कहते हैं, “मैं नासिक के एक छोटे किसान परिवार में बड़ा हुआ, जहां इंजीनियर बनना सबसे सुरक्षित सपना माना जाता था। मैंने यह अपने पिता के लिए किया, लेकिन मन हमेशा लिखने में लगता था। पॉकेट एफएम ने मुझे पहली बार उस छुपी इच्छा को सच में बदलने का मौका दिया। मैं ब्रह्मांड का रक्षक सुबह सूरज निकलने से पहले, नौकरी के बाद और सफर के दौरान भी लिखता था, क्योंकि इससे मुझे जिंदगी का एहसास होता था। आज मेरी लेखन से होने वाली आय मेरी नौकरी के बराबर है, जो मैंने कभी सोचा भी नहीं था। मैं अपने किरदारों को भावनाओं से गढ़ता हूं और कई बार लिखते-लिखते रो भी पड़ता हूं, क्योंकि उनकी यात्रा मुझे असली लगती है। पॉकेट एफएम ने मुझे सिर्फ एक प्लेटफॉर्म नहीं दिया, बल्कि विश्वास, पहचान और खुद को लेखक कहने की हिम्मत दी।”

आज वैभव भुज में अपनी इंजीनियर की नौकरी जारी रखते हुए श्रोताओं के लिए अपनी काल्पनिक दुनिया को लगातार आगे बढ़ा रहे हैं। उनकी यात्रा दिखाती है कि लंबी ऑडियो स्टोरीटेलिंग पारंपरिक पब्लिशिंग के बाहर के लोगों के लिए भी नए रास्ते खोल रही है, जहां अलग-अलग पेशों से जुड़े लोग अपने काम के साथ-साथ दर्शक भी बना पा रहे हैं। वैभव के लिए इंजीनियरिंग उनका पेशा है, लेकिन कहानी कहना उनकी पहचान बन चुका है।

 


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Content Editor

Manisha

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