Vat Purnima Upay 2026: वैवाहिक जीवन में घुलेगी शहद सी मिठास, अखंड सौभाग्य के लिए शाम को जरूर करें ये अचूक उपाय
punjabkesari.in Monday, Jun 29, 2026 - 08:10 AM (IST)
Vat Purnima Upay 2026: ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाने वाला वट पूर्णिमा का व्रत सुहागिनों के लिए बेहद खास होता है। आज के दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखी दांपत्य जीवन के लिए बरगद (वट) के वृक्ष की पूजा करती हैं। मान्यताओं के अनुसार, वट वृक्ष में ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास होता है।

अक्सर महिलाएं सुबह की पूजा और परिक्रमा तो विधि-विधान से कर लेती हैं, लेकिन क्या आप जानती हैं कि शाम के समय किए गए कुछ सरल उपाय आपके वैवाहिक जीवन में खुशहाली और आपसी विश्वास को दोगुना कर सकते हैं? आइए जानते हैं शाम के समय किए जाने वाले कुछ अचूक उपायों के बारे में:
प्रदोषकाल के समय शिव मंदिर में दीपदान करते हुए ॐ नम: शिवाय मंत्र का जाप करें। फिर वहीं बैठ कर कम से कम एक माला जाप करें। घर के मंदिर या पूजा स्थल पर शुद्ध देसी घी का दीपक जलाएं।

अपनी क्षमता के अनुसार चने व गुड़ बांटें।
दंपति साथ में घर के मंदिर में लक्ष्मी-नारायण की आरती करें।
वट देव का मानसिक स्मरण करें। जरूरतमंदों में मीठा प्रसाद बांटने के बाद परिवार में बांट कर स्वयं खाएं।

वट पूर्णिमा में बरतें ये विशेष सावधानी: वट पूर्णिमा के दिन शाम के समय घर में किसी भी प्रकार के वाद-विवाद से बचें। नकारात्मक शब्दों का प्रयोग न करें और सभी के साथ प्रेमपूर्वक व्यवहार करें। शांत मन से किया गया जप और तप ही पूर्ण फलदायी होता है।
जब पूर्णिमा सोमवार के दिन आती है तो इसका महत्व बढ़ जाता है। ज्योतिष की दृष्टि से ये शुभ योग अत्यधिक मंगलमय प्रभाव देता है। भगवान शिव और चंद्रमा का आशीष प्राप्त करने के लिए ये दिन बहुत खास है। आज से आषाढ़ मास का प्रारंभ भी हो रहा है। पति, धन और खुशहाल जीवन के लिए सूर्यास्त से पहले कर लें ये काम-

वट वृक्ष पर जल, अक्षत और कुमकुम चढ़ाएं, फिर मौली वृक्ष के तने पर लपेटते हुए 7 परिक्रमा करें।
सावित्री की कथा पढ़ें या सुनें।
ब्राह्मण अथवा जरूरतमंद व्यक्ति को दान-दक्षिणा दें। सफेद वस्तुओं का दान करें।
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