Vaishakh Maas 2026: जल्द हो है वैशाख माह का आरंभ, पढ़ें इस महीने के खास नियम
punjabkesari.in Monday, Mar 30, 2026 - 07:37 AM (IST)
Vaishakh Maas 2026 Start Date: हिंदू पंचांग का दूसरा महीना वैशाख माह Vaishakh Maas धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। इस महीने में स्नान, दान और पूजा-पाठ का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस दौरान किए गए धार्मिक कार्यों का फल कई गुना बढ़ जाता है।
आइए जानते हैं साल 2026 में वैशाख माह कब से शुरू हो रहा है, इसका धार्मिक महत्व क्या है और इस दौरान किन नियमों का पालन करना चाहिए।

वैशाख माह 2026 कब से शुरू हो रहा है?
वैदिक पंचांग के अनुसार, Vaishakh Maas की शुरुआत चैत्र पूर्णिमा के अगले दिन से होती है।
प्रतिपदा तिथि प्रारंभ: 2 अप्रैल 2026 (सुबह)
प्रतिपदा तिथि समाप्त: 3 अप्रैल 2026 (सुबह)
उदया तिथि के अनुसार, वैशाख माह का आरंभ 3 अप्रैल 2026 से माना जाएगा।

विशेष योग और नक्षत्र में हो रही शुरुआत
इस वर्ष वैशाख माह की शुरुआत विशेष योग में हो रही है:
प्रारंभ में व्याघात योग प्रभावी रहेगा (दोपहर तक)। इसके बाद हर्षण योग शुरू होगा। दिन की शुरुआत चित्रा नक्षत्र में होगी। ज्योतिष शास्त्र में इन योगों और नक्षत्रों का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।
वैशाख माह 2026 कब समाप्त होगा?
वैशाख माह का समापन पूर्णिमा तिथि के साथ होता है।
समापन तिथि: 1 मई 2026
इस दिन के साथ ही यह पवित्र महीना समाप्त हो जाएगा।
वैशाख माह का धार्मिक महत्व
धार्मिक ग्रंथों में वैशाख माह Vaishakh Maas को सबसे श्रेष्ठ महीनों में गिना गया है। इस माह में स्नान और दान का पुण्य अक्षय (कभी समाप्त न होने वाला) माना जाता है। भगवान विष्णु और उनकी भार्या की पूजा का विशेष महत्व होता है। इसी महीने में अक्षय तृतीया जैसे बड़े पर्व मनाए जाते हैं। मान्यता है कि इस महीने में किए गए धार्मिक कार्य व्यक्ति को सुख, समृद्धि और मोक्ष प्रदान करते हैं।

वैशाख माह का नाम कैसे पड़ा?
हिंदू कैलेंडर में महीनों के नाम नक्षत्रों के आधार पर रखे जाते हैं। वैशाख माह (Vaishakh Maas) का नाम विशाखा नक्षत्र से जुड़ा हुआ है। इस माह की पूर्णिमा के दिन चंद्रमा विशाखा नक्षत्र में स्थित होता है, इसलिए इसे वैशाख कहा जाता है।
वैशाख माह में क्या करें? (धार्मिक नियम)
प्रतिदिन स्नान कर भगवान की पूजा करें।
जल दान करें, खासकर गर्मी में प्यासे को पानी पिलाएं।
पितरों के लिए तर्पण करना शुभ माना जाता है।
चप्पल, छाता, अन्न और वस्त्र का दान करें।
भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की नियमित पूजा करें।
इन कार्यों से पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
वैशाख माह 2026 का आरंभ 3 अप्रैल से होकर 1 मई 2026 तक रहेगा। यह महीना धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसमें किए गए स्नान, दान और पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है। यदि इस दौरान नियमों का पालन किया जाए, तो व्यक्ति को आध्यात्मिक और भौतिक दोनों तरह के लाभ मिल सकते हैं।

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