World Laughter Day 2026 : हंसना क्यों है जरूरी ? विश्व हास्य दिवस पर पढ़ें इससे जुड़ी खास बातें और वैज्ञानिक लाभ
punjabkesari.in Sunday, May 03, 2026 - 02:29 PM (IST)
World Laughter Day 2026 : रोजमर्रा के कामों और भाग-दौड़ भरी जीवनशैली के चलते लोगों की जिंदगी में हंसने के मौके कम होते जा रहे हैं। ऐसे में, 1998 में यह विचार आया कि क्यों न कुछ ऐसा किया जाए, जिसके बहाने लोग एक-दूसरे से बात कर सकें और कुछ देर के लिए हंस सकें। इस मकसद से विश्व हास्य दिवस मनाने की शुरुआत की गई। फैसला हुआ कि हर साल मई महीने के पहले रविवार को यह दिन मनाया जाएगा। इस दिवस की शुरुआत दुनिया में शांति लाने और इंसानियत के बीच भाईचारा और मेल-जोल बढ़ाने के मकसद से की गई थी। इस दिन की लोकप्रियता ‘लाफ्टर योग मूवमैंट’ के जरिए पूरी दुनिया में फैल गई। आज, पूरी दुनिया में हजारों ‘लाफ्टर क्लब’ मौजूद हैं। हमने हमेशा सुना है कि सेहत के लिए हंसी कितनी जरूरी है। स्वस्थ रहने के लिए हंसना और खुश रहना सबसे बेहतरीन और असरदार उपायों में से एक है। इस साल 3 मई को विश्व हास्य दिवस मनाया जाएगा। इस दिवस की शुरुआत का श्रेय डॉ. मदन कटारिया को जाता है। वही थे जिन्होंने सबसे पहले 11 जनवरी, 1998 को मुंबई में विश्व हास्य दिवस मनाया था। इसे मनाने का मुख्य मकसद समाज में बढ़ते तनाव को कम करना था।
हंसी के फायदे
हंसी हमारे लिए कई मायनों में जरूरी है- सेहत सुधारने से लेकर रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने तक, चिंता और तनाव कम करने से लेकर हमें उत्साहित और सकारात्मक बनाने तक। यह एक मुफ्त इलाज है, जिसके लिए किसी भी तरह की आर्थिक हैसियत की जरूरत नहीं होती। हंसी किसी व्यक्ति के ‘इलैक्ट्रो-मैग्नेटिक क्षेत्र’ (ऊर्जा क्षेत्र) पर असर डालती है और उस व्यक्ति में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है। जब कोई व्यक्ति किसी समूह में हंसता है, तो यह सकारात्मक ऊर्जा पूरे इलाके में फैल जाती है और उस जगह से नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर देती है।

हंसी से मानसिक स्वास्थ्य भी बेहतर होता है। इसके अलावा, परिवार और दोस्तों के साथ रिश्ते भी मजबूत होते हैं। हंसी किसी व्यक्ति की जीवन-प्रत्याशा (उम्र) को बढ़ाती है इसलिए जब भी आपको हंसने का मौका मिले, तो खुलकर हंसें- भले ही लोग आपको अजीब नजरों से क्यों न देख रहे हों। एक अध्ययन के अनुसार, जो लोग अक्सर हंसते हैं, वे ज्यादा जीते हैं, बेहतर काम करते हैं, ज्यादा खुश रहते हैं और उनमें सकारात्मक ऊर्जा भी भरपूर होती है। इसके अलावा, हंसी एक सार्वभौमिक भाषा है। इसमें जाति, धर्म, रंग या लिंग की परवाह किए बिना मानवता को एकजुट करने की क्षमता है।
हंसी सभी लोगों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए बहुत फायदेमंद है। विशेषज्ञों के अनुसार, हंसी में लोगों को एकजुट करने और तनाव दूर करने की शक्ति होती है। उनका मानना है कि हम स्वास्थ्य, खुशी और विश्व शांति को बढ़ावा देने के लिए हंसी को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। जब कोई शिक्षक मुस्कुराते हुए चेहरे के साथ कक्षा में प्रवेश करता है, तो बच्चों के चेहरे खिल उठते हैं। जब कोई डॉक्टर किसी मरीज से मुस्कुराते हुए बात करता है, तो मरीज लगभग आधा ठीक हो जाता है। मानव शरीर में पेट और छाती के बीच ‘डायाफ्राम’ होता है, जो हंसते समय सिकुड़ने का काम करता है। इसके परिणामस्वरूप, हंसी पेट, फेफड़ों और लिवर की मालिश करती है। हंसी शरीर में नई ऊर्जा लाती है। मनोवैज्ञानिक भी तनाव से पीड़ित लोगों को हंसते रहने की सलाह देते हैं। जब आप हंसना शुरू करते हैं, तो शरीर में रक्त संचार बढ़ जाता है। हर दिन खुलकर हंसना मधुमेह (डायबिटीज) को नियंत्रित करने में भी मदद करता है।
कुछ रोचक और मजेदार तथ्य
हंसना एक प्राकृतिक ‘मिनी वर्कआऊट’ है- जब आप खुलकर हंसते हैं, तो शरीर की लगभग 15 से ज्यादा मांसपेशियां सक्रिय हो जाती हैं।
बच्चे दिन में औसतन 300-400 बार हंसते हैं, जबकि बड़े लोग केवल 15-20 बार ही हंसते हैं।
हंसने से शरीर में ‘फील-गुड’ हार्मोन (एंडोर्फिन) निकलते हैं, जो दर्द कम करने में मदद करते हैं।
क्या आप जानते हैं? हंसी संक्रामक होती है- अगर कोई सामने हंसता है, तो आपको भी हंसी आने लगती है।
हंसते समय हमारा शरीर ज्यादा ऑक्सीजन लेता है, जिससे दिमाग और शरीर दोनों को ताजगी मिलती है।
वैज्ञानिकों के अनुसार, 10 मिनट की हंसी लगभग 2-3 घंटे के दर्द को कम करने में मदद कर सकती है।
दिलचस्प बात यह है कि इंसान हंसने वाला अकेला जीव नहीं है- कुछ जानवर जैसे बंदर और चिम्पांजी भी हंसी जैसी ध्वनियां निकालते हैं।

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