Somnath Mandir : 20 साल में पहली बार सोमनाथ मंदिर ने मचाया इंटरनेट पर तहलका, टूटा सर्च का रिकॉर्ड

punjabkesari.in Tuesday, Jan 13, 2026 - 11:01 AM (IST)

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Somnath Mandir : राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सोमनाथ मंदिर को लेकर इंटरनेट पर बढ़ती रुचि सिर्फ धार्मिक भावना का परिणाम नहीं है, बल्कि यह देश में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के मजबूत होते प्रभाव को भी दर्शाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी प्राचीन सभ्यता और ऐतिहासिक विरासत को लेकर पहले से अधिक आत्मविश्वास दिखा रहा है और यही सोच अब डिजिटल मंचों पर भी साफ दिखाई देने लगी है।

गूगल ट्रेंड्स के हालिया आंकड़े बताते हैं कि सोमनाथ मंदिर से जुड़ी ऑनलाइन खोजें बीते करीब 20 वर्षों में अपने सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गई हैं। 2004 से 2025 तक के आंकड़ों के अध्ययन से पता चलता है कि शुरुआती दौर में लोगों की दिलचस्पी सीमित थी, लेकिन हाल के वर्षों में इसमें तेज़ और अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है। विशेषज्ञ इस बदलाव को बड़े पैमाने पर “मोदी प्रभाव” से जोड़कर देख रहे हैं।

भारत के 12 प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में शामिल सोमनाथ मंदिर सदियों से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा है। अब डिजिटल आंकड़े यह संकेत दे रहे हैं कि यह आस्था ऑनलाइन दुनिया में भी नए मुकाम हासिल कर रही है। खासकर वर्ष 2024 और 2025 के दौरान मंदिर को लेकर लोगों की खोज रुचि में उल्लेखनीय उछाल दर्ज किया गया है।

आंकड़ों के मुताबिक, 2004 से 2010 के बीच सोमनाथ मंदिर से जुड़ी ऑनलाइन खोज रुचि औसतन 50 के स्तर पर बनी रही। इसके बाद इसमें धीरे-धीरे वृद्धि होती गई, लेकिन 2024 के अंतिम महीनों और 2025 की शुरुआत में यह रुचि तेजी से बढ़कर लगभग 100 के उच्चतम स्तर तक पहुंच गई, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा माना जा रहा है। जानकारों का मानना है कि 8 जनवरी से शुरू हुए सोमनाथ स्वाभिमान पर्व और उसमें प्रधानमंत्री की भागीदारी से इस रुचि में और इजाफा हो सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, डिजिटल रुचि में इस बढ़ोतरी के पीछे कई कारण हैं। इनमें प्रधानमंत्री द्वारा समय-समय पर सोमनाथ और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों को लेकर दिए गए बयान, राष्ट्रीय स्तर के धार्मिक कार्यक्रम, बड़े आयोजनों का व्यापक प्रचार, और सोशल मीडिया व डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर धार्मिक पर्यटन को लेकर बढ़ती सक्रियता प्रमुख हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सोमनाथ मंदिर से भावनात्मक जुड़ाव लंबे समय से रहा है। मुख्यमंत्री रहने के समय से लेकर प्रधानमंत्री बनने के बाद तक उन्होंने बार-बार भारत की प्राचीन संस्कृति, मंदिर परंपराओं और सांस्कृतिक पुनर्जागरण पर जोर दिया है। हाल के वर्षों में मंदिरों के विकास, पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और धार्मिक स्थलों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की सरकारी कोशिशों का असर अब डिजिटल दुनिया में भी साफ दिखाई देने लगा है। सोमनाथ मंदिर पर हुए ऐतिहासिक आक्रमण के एक हजार वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में प्रधानमंत्री की मौजूदगी ने इस रुचि को और मजबूत किया है।


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Content Editor

Prachi Sharma

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