Kashi Vishwanath Mandir news : इस बार की रंगभरी एकादशी क्यों है बेहद खास ? काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए किए गए ये बड़े बदलाव
punjabkesari.in Friday, Feb 20, 2026 - 10:45 AM (IST)
Kashi Vishwanath Mandir news : वाराणसी में होली का आगाज रंगभरी एकादशी 27 फरवरी 2026 से हो रहा है और इस बार का उत्सव पिछले वर्षों के मुकाबले कहीं अधिक भव्य और व्यवस्थित होने वाला है। काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और सुरक्षा को देखते हुए कई बड़े बदलाव किए हैं।
पालकी यात्रा और विशेष पोशाक
इस बार बाबा विश्वनाथ की पालकी यात्रा बेहद खास होगी। बाबा और माता गौरा को काशी की पारंपरिक खादी से बने विशेष राजसी वस्त्र पहनाए जाएंगे। यह सादगी और भव्यता का एक अनूठा संगम होगा। शताब्दियों पुरानी चांदी की पालकी की विशेष सफाई और मरम्मत की गई है, ताकि गौना की रस्म को यादगार बनाया जा सके।
श्रद्धालुओं के लिए सुगम दर्शन व्यवस्था
क्राउड मैनेजमेंट: इस बार मंदिर प्रशासन को 8 से 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। इसके लिए कतार प्रबंधन को और बेहतर बनाया गया है ताकि भगदड़ जैसी स्थिति न बने। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गर्भगृह में प्रवेश और 'स्पर्श दर्शन' को सीमित किया जा सकता है, जिससे सभी भक्त आसानी से बाबा की एक झलक पा सकें।
फूलों और हर्बल गुलाल की होली
मंदिर परिसर की पवित्रता को देखते हुए इस बार हर्बल और प्राकृतिक गुलाल के उपयोग पर जोर दिया जा रहा है। साथ ही, कई क्विंटल फूलों की वर्षा से बाबा का स्वागत किया जाएगा।
चार दिवसीय उत्सव का आयोजन
धार्मिक रस्में: उत्सव की शुरुआत 24 फरवरी से ही 'हल्दी' की रस्म के साथ हो चुकी है। टेढ़ीनीम स्थित महंत आवास को 'गौरा-सदनिका' के रूप में सजाया गया है, जहां पारंपरिक मंगल गीतों के साथ विवाह की रस्में निभाई जा रही हैं।
क्यों खास है यह एकादशी ?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाशिवरात्रि पर विवाह के बाद इसी दिन बाबा विश्वनाथ माता पार्वती का गौना कराकर पहली बार काशी आए थे। इसी खुशी में काशीवासी अपने आराध्य के साथ रंगों का उत्सव मनाते हैं, जो दुनिया भर में मशहूर है।
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