Siddhpeeth Kalkaji Temple news : श्रद्धालुओं की राह होगी आसान ! कालकाजी मंदिर प्रशासन का नया मास्टर प्लान, मैया के दर्शन होंगे दिव्य
punjabkesari.in Sunday, Mar 22, 2026 - 12:24 PM (IST)
Siddhpeeth Kalkaji Temple news : देश की राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक और प्राचीन शक्तिपीठ, सिद्धपीठ कालकाजी मंदिर में अब भक्तों को दर्शन के लिए न तो लंबी अव्यवस्थित कतारों में जूझना होगा और न ही सुविधाओं की कमी खलेगी। मंदिर प्रशासन और दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त प्रशासक ने मंदिर के Redevelopment के लिए एक भव्य मास्टर प्लान तैयार किया है, जिसे अब धरातल पर उतारने की तैयारी पूरी हो चुकी है। चैत्र नवरात्रि 2026 के अवसर पर इस प्लान के तहत कई दिव्य बदलाव देखने को मिल रहे हैं।
क्या है नया मास्टर प्लान ?
दर्शन के लिए आने वाले भक्तों के लिए व्यवस्थित वेटिंग हॉल और ढकी हुई कतारों की व्यवस्था की गई है, ताकि धूप और बारिश से बचाव हो सके। मंदिर परिसर में भीड़ के दबाव को कम करने के लिए अब चार अलग-अलग दिशाओं से प्रवेश और निकास की सुविधा विकसित की जा रही है, जो सीधे मेट्रो स्टेशन और मुख्य सड़कों से जुड़ी होगी। मंदिर की चढ़ाई को सुगम बनाने के लिए रैंप और विशेष सहायता केंद्रों का निर्माण किया गया है। परिसर में नए टॉयलेट ब्लॉक्स, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था और जूतों को सुरक्षित रखने के लिए आधुनिक क्लॉक-रूम बनाए गए हैं।
चैत्र नवरात्रि 2026 की खास तैयारियां
19 मार्च से शुरू हुई चैत्र नवरात्रि के लिए कालकाजी मंदिर को फूलों और रोशनी से किसी वधु की तरह सजाया गया है। प्रशासन ने इस बार 'जीरो टॉलरेंस' सुरक्षा नीति अपनाई है। दिल्ली पुलिस और निजी सुरक्षा गार्डों की भारी तैनाती के साथ-साथ पूरे परिसर की निगरानी ड्रोन और हाई-टेक सीसीटीवी कैमरों से की जा रही है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने मंदिर के आसपास के रास्तों पर जाम से बचने के लिए विशेष रूट डायवर्जन लागू किया है। मंदिर के मुख्य गर्भगृह को विदेशी फूलों और पारंपरिक चुनरियों से सजाया गया है, जिससे भक्तों को एक अलौकिक आध्यात्मिक अनुभूति हो रही है।
मंदिर प्रशासन का संदेश
मंदिर प्रशासन के अनुसार, यह मास्टर प्लान कालकाजी मंदिर को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ धार्मिक स्थलों की श्रेणी में खड़ा करेगा। प्रशासन का कहना है कि "हमारा लक्ष्य है कि हर श्रद्धालु जो मैया के द्वार पर आए, वह शांति और सुकून के साथ दर्शन कर वापस लौटे।" भक्तों से अनुरोध किया गया है कि वे मंदिर में स्वच्छता बनाए रखें और सुरक्षा नियमों का पालन करें।
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