Shiv Famous Temple In India: इन 5 रहस्यमयी शिव मंदिरों का रहस्य आज तक नहीं सुलझा, विज्ञान भी है हैरान
punjabkesari.in Friday, Feb 20, 2026 - 10:07 AM (IST)
Shiv Famous Temple In India: भारत में भगवान शिव के हजारों प्राचीन मंदिर हैं, लेकिन कुछ मंदिर ऐसे भी हैं जिनसे जुड़े रहस्य आज तक अनसुलझे हैं। कहा जाता है कि इन मंदिरों में होने वाली घटनाएं किसी चमत्कार से कम नहीं हैं और विज्ञान भी इनके पीछे के रहस्य को पूरी तरह समझ नहीं पाया है। आइए जानते हैं ऐसे ही 5 प्रसिद्ध और रहस्यमयी शिव मंदिरों के बारे में।

स्तंभेश्वर महादेव मंदिर, गुजरात
गुजरात के खंभात की खाड़ी के किनारे स्थित यह मंदिर अपनी अनोखी विशेषता के कारण विश्वभर में प्रसिद्ध है। यह मंदिर दिन में दो बार समुद्र की लहरों में पूरी तरह समा जाता है। ज्वार के समय मंदिर और शिवलिंग जलमग्न हो जाते हैं, जबकि भाटा आने पर मंदिर दोबारा दिखाई देने लगता है। स्थानीय मान्यता है कि स्वयं समुद्र देव भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। इस अद्भुत प्राकृतिक घटना को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।

लक्ष्मणेश्वर महादेव मंदिर, छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ में स्थित यह मंदिर ‘लक्षलिंग’ के नाम से भी जाना जाता है। यहां स्थापित शिवलिंग में एक लाख छोटे-छोटे छिद्र बताए जाते हैं। मान्यता है कि इनमें से एक छिद्र पाताल लोक का मार्ग है। हैरानी की बात यह है कि शिवलिंग पर चढ़ाया गया जल तुरंत सूख जाता है, जबकि एक विशेष छिद्र में पानी हमेशा भरा रहता है, चाहे कितनी भी गर्मी क्यों न हो। यह रहस्य आज भी लोगों को आकर्षित करता है।

छाया सोमेश्वर मंदिर, तेलंगाना
तेलंगाना के नलगोंडा जिले में स्थित यह मंदिर अपनी वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है। मंदिर के गर्भगृह में स्थापित शिवलिंग पर हमेशा एक स्तंभ की छाया दिखाई देती है, जबकि वहां ऐसा कोई खंभा मौजूद नहीं है जिसकी छाया सीधे शिवलिंग पर पड़ सके। इंजीनियर और वास्तु विशेषज्ञ भी इस रहस्य को पूरी तरह समझ नहीं पाए हैं, जिससे यह मंदिर और अधिक रहस्यमयी बन जाता है।

अचलेश्वर महादेव मंदिर, राजस्थान
राजस्थान के धौलपुर में स्थित यह मंदिर अपने रंग बदलने वाले शिवलिंग के कारण प्रसिद्ध है। बताया जाता है कि सुबह शिवलिंग लाल रंग का दिखाई देता है, दोपहर में केसरिया और शाम को सांवला हो जाता है। सूर्य की किरणों के साथ होने वाला यह परिवर्तन श्रद्धालुओं के लिए आस्था का विषय है। वैज्ञानिक भी अब तक इस रंग परिवर्तन के पीछे की सटीक वजह नहीं बता पाए हैं।
हरिहरेश्वर मंदिर, महाराष्ट्र
महाराष्ट्र के सोलापुर में स्थित यह मंदिर अपनी अद्भुत मूर्तिकला के लिए जाना जाता है। वर्ष 1999 में यहां खुदाई के दौरान लगभग दो मीटर ऊंचा और करीब 4.5 टन वजनी विशाल शिवलिंग मिला था। इस शिवलिंग पर 359 अलग-अलग चेहरे बने हुए हैं, जिनमें प्रत्येक का भाव भिन्न है। यह अनोखी संरचना आज भी शोधकर्ताओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

भारत में भगवान शिव के ये रहस्यमयी मंदिर श्रद्धा और आस्था के साथ-साथ वैज्ञानिक जिज्ञासा का भी केंद्र हैं। महाशिवरात्रि जैसे पावन अवसर पर इन मंदिरों का महत्व और बढ़ जाता है। इन स्थलों से जुड़े रहस्य आज भी लोगों को आश्चर्यचकित करते हैं और भक्तों की आस्था को और गहरा करते हैं।
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Content Writer
Niyati Bhandari