विवाह में हो रही देरी के लिए करें ये व्रत

11/9/2019 9:32:39 AM

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
इस बात से तो सब वाकिफ ही हैं कि हर माह मे त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत का पालन किया जाता है। इस दिन पर भगवान शिव की पूजा के साथ-साथ माता पार्वती की पूजा भी की जाती है। शास्त्रों में बताया गया है कि वार के अनुसार प्रदोष व्रत का अलग-अलग फल मिलता है। शनिवार के दिन जब प्रदोष व्रत पड़ता है तब शनि प्रदोष व्रत कहलता है। ऐसी मान्यता है कि शनि प्रदोश व्रत के दिन शिव की पूजा करने से शनि ग्रह के कारण प्राप्त होने वाले अशुभ ग्रहों के प्रभाव में कमी आती है। आरोग्य सुख की प्राप्ति होती है और शरीर उर्जावान एवं शक्तिशाली होता है। 
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ज्योतिषशास्त्र के अनुसार सूर्यास्त से रात्रि आरंभ होने तक का समय प्रदोष काल कहलाता है। इस समय भगवान शिव की पूजा करने से भगवान शिव बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं। प्रदोष व्रत में शाम के समय हनुमान चालीसा के पाठ का भी कई गुणा लाभ मिलता है। इसके साथ ही अगर आपके शादी में किसी तरह की कोी बाधा पैदा हो रही हो तो प्रदोष व्रत के दिन व्रत जरूर करना चाहिए और भोलेबाबा को प्रसन्न किया जाना चाहिए। इसके लिए इस दिन मसूर की दाल, लाल वस्त्र, गुड़, तांबा का दान करना उत्तम फलदायी होता है।
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पूरे दिन व्रत रखकर शाम के समय भगवान शिव एवं हनुमान जी की पूजा करें। हनुमान जी को बूंदी के लड्डू अथवा बूंदी अर्पित करके लोगों में प्रसाद बांटें। इसके बाद भोजन करें।


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