ननद-भाभी मौन रहकर करें ये काम, सगी बहनों जैसा बना रहेगा प्यार

punjabkesari.in Tuesday, Jul 01, 2025 - 01:19 PM (IST)

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Nanad bhabhi me pyar badhane ke upay: वैसे तो शादी के बाद एक लड़की बहुत सारे रिश्तों के बंधन में बंधती है लेकिन उनमें सबसे प्यारा संबंध ननद-भाभी का होता है। आमतौर पर वह दोनों हमउम्र होती हैं। अत: वह सहेलियों की तरह होती हैं। यदि वह सच में एक-दूसरे की सखियां बन जाएं तो  परिवार में खुशहाली का माहौल बरकरार रहता है। कई बार इस प्यार भरे रिश्ते में उलझने पैदा हो जाती है। यदि यह समय रहते न सुलझाई जाएं तो जीवन भर की गांठे पड़ते देर नहीं लगती।

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Vastu Remedies for Nanad-Bhabhi Harmony वास्तु अनुसार ननद-भाभी का प्रेम बढ़ाने का नियम
उत्तर-पश्चिम कोण (वायव्य) में ननद के वस्त्र या अलमारी न रखें। वायव्य कोण वायु तत्त्व से जुड़ा है, जो घर की महिलाओं की मानसिक गति को नियंत्रित करता है। यदि ननद के वस्त्र या उपयोग की वस्तुएं वहां रखी जाएं, तो उसमें चंचलता और अस्थिर विचार बढ़ सकते हैं, जिससे भाभी के प्रति ईर्ष्या या प्रतिस्पर्धा की भावना जन्म ले सकती है।
उपाय: ननद की वस्तुएं पूर्व दिशा या उत्तर-पूर्व (ईशान) कोने में रखें। वहां रखी गई वस्तुएं प्रेम और समझदारी को बढ़ावा देती हैं।

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भोजन की थाली में पहली रोटी का क्रम- घर में जो स्त्रियां साथ भोजन करती हैं, उनमें मानसिक ऊर्जा का लेन-देन भोजन के माध्यम से होता है। यदि भाभी रोटी बनाती है और पहली रोटी ननद को दी जाए (मौन नियम के अनुसार) तो वह मानसिक रूप से भाभी के लिए सहृदयता और विनम्रता अनुभव करती है। यह उपाय अत्यंत गुप्त और मौखिक परंपरा से जुड़ा है, जो प्राचीन गृह वास्तु-संहिता के अनुसार पारिवारिक मेलजोल को सशक्त करता है।

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शयनकक्ष में एक ही रंग के पर्दे या चादर न रखें (विशेषकर गुलाबी या लाल)- यदि भाभी और ननद के कमरों में एक जैसे रंगों का उपयोग हो (खासकर स्त्रियोचित रंग जैसे लाल या गुलाबी) तो ऊर्जात्मक समानता से वैचारिक संघर्ष उत्पन्न होता है। इसे स्वर-संघर्ष दोष कहा जाता है।
उपाय: भाभी के कमरे में हल्का नीला या हरा रंग और ननद के कमरे में सफेद या हल्का पीला रंग रखने से मानसिक संतुलन और सम्मान बना रहता है।

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ननद और भाभी दोनों के कंघे (comb) एक-दूसरे से दूर रखें- कंघी का उपयोग सिर की ऊर्जा को नियंत्रित करने हेतु होता है। यदि दोनों की कंघियां एक स्थान पर या एक बास्केट में रखी जाएं, तो उसमें स्मृति और विचारों का मिश्रण होता है। इससे विचारों का टकराव, पुराने आरोप-प्रत्यारोप और गलतफहमियां जन्म लेती हैं।
उपाय: दोनों की कंघियां अलग-अलग दिशाओं में रखें, भाभी की कंघी उत्तर-पूर्व में और ननद की पूर्व दिशा में।

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सप्ताह में एक दिन दोनों स्त्रियां मिलकर तुलसी को जल दें और मौन रखें (विशेष शुक्रवार) तुलसी के पास मौन भाव से एक साथ खड़े होना और जल अर्पण करना, अचेतन ऊर्जा का समरस मिश्रण करता है। इसे संग्रह शक्ति कहते हैं। जो दोनों के बीच समर्पण, क्षमा और अपनत्व की भावना को जाग्रत करता है। यह क्रिया मौन रहकर करें, जल पात्र तांबे का हो और तुलसी के सामने हल्का दीपक अवश्य जलाएं।

A special trick to increase the love between sister-in-law and sister-in-law ननद-भाभी का प्यार बढ़ाने का विशेष टोटका
शुक्ल पक्ष के किसी शुक्रवार को भाभी ननद को सफेद वस्त्र भेंट करें और बदले में ननद उन्हें हल्दी या सिंदूर दे यह मानसिक मैत्री स्थिर करता है। यह क्रिया पूर्ण चुप्पी और कोई बाहरी साक्षी न हो, ऐसे माहौल में करनी चाहिए।

 


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Content Writer

Niyati Bhandari

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