सावन की पहली एकादशी पर इन 5 जगहों पर जरूर जलाएं दीपक, बरसेगी भगवान विष्णु की कृपा
punjabkesari.in Wednesday, Aug 05, 2026 - 11:33 AM (IST)
Sawan Ekadashi Diya Lighting : हिंदू धर्म में हर एकादशी का बहुत खास महत्व है। उसकी तरह ही सावन में पड़ने वाली कामिका एकादशी को भी बहुत शुभ और महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से विष्णु जी की पूजा करने और व्रत रखने से जीवन में आने वाली सारी परेशानियां दूर होती हैं और घर-परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। एकदाशी पर शाम के समय पूजा-पाठ करने के अलावा कुछ खास स्थानों पर दीपक जाना बहुत शुभ माना जाता है। ऐसा करने से विष्णु जी प्रसन्न होते हैं और अपनी विशेष कृपा बनाए रखते हैं। तो आइए जानते हैं एकदाशी के दिन कौन सी 5 जगहों पर दीपक जलाना चाहिए।
मुख्य द्वार
एकादशी के दिन घर के मुख्य द्वार पर दीया जलाना बहुत शुभ माना जाता है। वास्तु के अनुसार, घर के मुख्य द्वार से ही सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह की ऊर्जाएं घर में प्रवेश करती है। साथ ही यहीं से देवी-देवताओं का आगमन होता है। सावन एकादशी की शाम घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाने से नकारात्मक शक्तियां दूर रहती हैं और घर में मां लक्ष्मी का प्रवेश होता है।
तुलसी का पौधा
वास्तु शास्त्र और हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को बहुत ही पवित्र माना जाता है। तुलसी जी को भगवान विष्णु का अत्यंत प्रिय माना गया है। माना जाता है कि एकादशी की शाम को तुलसी के सामने घी का दीपक जलाने और उसकी परिक्रमा करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है और मन की हर इच्छा पूरी होती है।
घर का मंदिर
सावन एकादशी के दिन अपने घर के मंदिर में भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र के सामने अखंड या लंबे समय तक जलने वाला घी का दीपक जलाएं। इससे घर का माहौल सकारात्मक बना रहता है और मानसिक शांति मिलती है।
ईशान कोण
वास्तु शास्त्र और हिंदू शास्त्रों में ईशान कोण को देवी-देवताओं का स्थान माना जाता है। एकादशी की शाम को इस कोने में गाय के शुद्ध घी का दीपक जलाकर रखने से वास्तु दोष समाप्त होते हैं और घर के सदस्यों की तरक्की के रास्ते खुलते हैं।
पीपल या शमी का वृक्ष
अगर आपके घर के आसपास पीपल या शमी का पेड़ है, तो एकादशी की शाम वहां जाकर दीपक जरूर जलाएं। पीपल के पेड़ में त्रिदेव का वास माना जाता है। सावन में यहां दीपक जलाने से भगवान विष्णु के साथ-साथ भगवान शिव और शनिदेव का भी आशीर्वाद मिलता है, जिससे ग्रह-दोष दूर होते हैं।
शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
