Sawan 2026 Food Rules: महादेव की कृपा चाहिए तो सावन में न चखें ये चीजें, जानें श्रावण के कड़े नियम और सही आहार
punjabkesari.in Wednesday, Jul 29, 2026 - 09:57 AM (IST)
Sawan 2026 Food Rules: हिंदू धर्म में सावन के महीने का विशेष महत्व है, जो पूरी तरह से भगवान शिव की भक्ति को समर्पित होता है। वर्ष 2026 में सावन की शुरुआत 30 जुलाई से हो रही है, जो 28 अगस्त तक चलेगा। मान्यता है कि इस पवित्र माह में जो भक्त सच्चे मन और संयम के साथ महादेव की उपासना करते हैं, उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। हालांकि, शिव जी की कृपा पाने के लिए केवल पूजा-पाठ ही काफी नहीं है, बल्कि शास्त्रों के अनुसार खान-पान का शुद्ध होना भी अनिवार्य है।

सावन में इन चीजों से बना लें दूरी
सावन में भगवान शिव को प्रसन्न करने और स्वास्थ्य की रक्षा के लिए कुछ भोज्य पदार्थों पर प्रतिबंध लगाएं गए हैं जैसे मांस, मदिरा, प्याज, लहसुन, साग, बैंगन और दूध।

दही व कड़ी न खाएं और दूध से भी दूरी बनाकर रखें क्योंकि सावन में ये चीजें वात को बढ़ाती हैं। भगवान भोलेनाथ का अभिषेक दूध और दही से जरुर करें।

साग अथवा हरी पत्तेदार सब्जियां खाना सेहत के लिए गुणकारी होता है। केवल सावन माह में इसके सेवन से हानि होती है। बैंगन को धर्म शास्त्रों में अशुद्ध माना गया है। इन दोनों को खाने के पीछे वैज्ञानिक आधार यह है कि सावन में इनमें कीड़े पड़ जाते हैं। जिससे सेहत को नुकसान होता है।

मांस- मदिरा, प्याज और लहसुन का सेवन तो कदापि नहीं करना चाहिए। यह अध्यात्म के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा उत्पन्न करते हैं। इनके सेवन से लोक ही नहीं परलोक भी बिगड़ जाता है।

विज्ञान भी मानता है, सावन में न चखें ये चीजें
वैज्ञानिकों के अनुसार कढ़ी, दूध, दही से संबंधित चीजों को खाने से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। इसकी वजह ये है कि सावन माह के दौरान बारिश अधिक होती है और हर जगह घास उगने लगती है। हर तरफ हरियाली होने से कई तरह के कीड़े-मकोड़े उन पर पनपने लगते हैं। गाय और भैंस जब घास चरने लगती हैं तो इसका असर उनके दूध पर पड़ता है। यह दूध सेहत के लिए हानिकारक होता है। इस वजह से सावन माह में इन चीजों का सेवन करने की मनाही होती है। अगर बिल्कुल भी दूध और दूध से बने पदार्थ बंद नहीं कर सकते तो जितना हो सके इसका इस्तेमाल कम से कम करें।
सावन मास में कढ़ी का सेवन करने से पाचन तंत्र पर नकारात्मक असर पड़ता है क्योंकि दही में एसिड वात के होने से कई तरह की परेशानियां बनी रहती हैं। आयुर्वेद के अनुसार सावन के महीने में पाचन क्रिया भी धीमी रहती है।

शिव कृपा के लिए क्या खाएं?
सावन में सात्विक आहार न केवल आध्यात्मिक बल्कि स्वास्थ्य की दृष्टि से भी लाभकारी होता है। भक्तों को अपने भोजन में ये चीजें शामिल करनी चाहिए जैसे ताजे फल और सूखे मेवे ऊर्जा का मुख्य स्रोत होते हैं। साबूदाना, कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा और मखाना जैसे पदार्थों का उपयोग करना सेहत के लिए उत्तम होता है। सात्विक तरीके से बनाई गई मौसमी सब्जियां स्वास्थ्य और भक्ति दोनों के लिए सर्वोत्तम हैं।
