August Vrat-Tyohar 2026: सावन शिवरात्रि से लेकर रक्षाबंधन तक, खूब बरसेगी देवी-देवताओं की कृपा, देखें अगस्त के व्रत-त्योहार की पूरी List
punjabkesari.in Tuesday, Jul 28, 2026 - 02:42 PM (IST)
August Vrat-Tyohar 2026: धार्मिक दृष्टि से अगस्त 2026 का महीना अत्यंत पवित्र और विशेष होने वाला है। इस पूरे माह में शिव भक्ति की बहार बहेगी, वहीं भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन भी इसी महीने मनाया जाएगा। सावन के सोमवार, नाग पंचमी और हरियाली तीज जैसे बड़े त्यौहारों के कारण श्रद्धालुओं के लिए यह महीना उत्सवों की सौगात लेकर आ रहा है।
सावन के 4 सोमवार और शिवरात्रि का विशेष संयोग
भगवान शिव का प्रिय माह 'सावन' अगस्त में अपने पूरे उफान पर होगा। इस बार अगस्त माह में सावन के 4 सोमवार पड़ रहे हैं।सावन सोमवार व्रत में भगवान शिव की पूजा विधि बहुत खास और प्रभावशाली मानी जाती है। यह व्रत विशेष रूप से कुंवारी कन्याओं द्वारा अच्छे वर की प्राप्ति और विवाहित स्त्रियों द्वारा पति की लंबी उम्र और पारिवारिक सुख-शांति के लिए किया जाता है।
सावन सोमवार व्रत रखने से मनोकामनाओं की पूर्ति होती है विशेषकर विवाह और संतान सुख प्राप्त होता है। मानसिक शांति मिलती है, जीवन में किसी भी तरह की समस्या शेष नहीं रहती। बुरे कर्मों का नाश होता है। भगवान शिव का आशीर्वाद संपूर्ण जीवन में बना रहता है।
पहला सोमवार: 3 अगस्त 2026
दूसरा सोमवार: 10 अगस्त 2026
तीसरा सोमवार: 17 अगस्त 2026
चौथा सोमवार: 24 अगस्त 2026
सावन शिवरात्रि: इसके साथ ही 11 अगस्त को सावन शिवरात्रि मनाई जाएगी, जो कांवड़ यात्रा के समापन का भी दिन है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार वैसे तो हर माह मासिक शिवरात्रि का पर्व आता है लेकिन सावन के महीने में इस पर्व का महत्व बढ़ जाता है। शिव भक्तों द्वारा व्रत, उपवास, पूजा और रुद्राभिषेक के माध्यम से भोले बाबा को खुश करने का प्रयास किया जाता है। सावन का यह खास दिन भगवान शिव की भक्ति और पूजा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। श्रावण शिवरात्रि को एक ऐसी रात के रूप में भी देखा जाता है, जब श्रद्धालु शिव की आराधना करके शिव कृपा प्राप्त कर सकते हैं। सावन शिवरात्रि के दिन व्रत रखना और पूरी रात जागरण कर शिव पूजा करना विशेष रूप से लाभकारी होती है।

नाग पंचमी पर मिलेगा कालसर्प दोष से छुटकारा
17 अगस्त को सावन शुक्ल पंचमी के दिन नाग पंचमी का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन नाग देवता के साथ-साथ महादेव की पूजा करने का भी विधान है। जो व्यक्ति इस दिन नाग देवता की पूजा करता है उसकी कुंडली से कालसर्प दोष दूर हो जाता है और उस व्यक्ति की मृत्यु कभी सांप के काटने से नहीं होती है।

रक्षाबंधन 2026: क्या ग्रहण का साया डालेगा असर?
वर्ष 2026 में 28 अगस्त को रक्षाबंधन का पर्व है। जो हर साल सावन पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। इस साल भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक यह पर्व शुभता नहीं बल्कि अपने साथ लेकर आ रहा है ग्रहण का काला साया। 2026 का दूसरा चंद्र ग्रहण 27 और 28 अगस्त की रात को लगेगा। वैश्विक समय के अनुसार ग्रहण 01:23 पर शुरू होगा। इसका सबसे शानदार दृश्य 04:41 पर दिखेगा। ग्रहण की समाप्ति 07:02 पर होगी। भारत में समयानुसार ग्रहण सुबह 06:53 से दोपहर 12:32 बजे तक रहेगा। हालांकि यह चंद्र ग्रहण आकाश में एक अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करेगा, लेकिन भारत में इसे देखा नहीं जा सकेगा। इसका कारण यह है कि ग्रहण के समय भारत में दिन होगा और सूरज की रोशनी चांद को ढक देगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जब ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देता, तो उसका सूतक काल भी लागू नहीं होता। भद्रकाल का खास ख्याल रखना होगा। सनातन धर्म में भद्रा काल के समय रखी बांधने को शुभ नहीं माना जाता।
अगस्त 2026 के प्रमुख व्रत-त्यौहारों की पूरी सूची:
3 अगस्त: सावन का पहला सोमवार
9 अगस्त: श्रावण कृष्ण कामिका एकादशी
11 अगस्त: सावन शिवरात्रि
12 अगस्त: हरियाली अमावस्या
15 अगस्त: हरियाली तीज
17 अगस्त: नाग पंचमी, कल्कि जयंती
23 अगस्त: श्रावण पुत्रदा एकादशी
28 अगस्त: रक्षाबंधन, श्रावण पूर्णिमा, गायत्री जयंती
31 अगस्त: कजरी तीज, श्रीगणेश (बहुला) चतुर्थी
