Raman Reti Ashram Holi : 6 कुंतल फूलों की बारिश और गुलाल का गुबार, आज रमणरेती आश्रम में सजेगा होली का दरबार
punjabkesari.in Saturday, Feb 21, 2026 - 07:48 AM (IST)
Raman Reti Ashram Holi : मथुरा के गोकुल स्थित रमणरेती आश्रम में होली का उल्लास अपने चरम पर है। ब्रज की 40 दिवसीय होली परंपरा के तहत आज आश्रम में एक भव्य और दिव्य होली का आयोजन किया जा रहा है, जहांं रंग-गुलाल के साथ-साथ फूलों की वर्षा श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर देगी। इस बार के उत्सव को खास बनाने के लिए लगभग 6 कुंतल ताजे फूलों और हर्बल गुलाल का इंतजाम किया गया है। आश्रम के सेवायत और संत भक्तों पर फूलों की वर्षा कर उन्हें श्याम रंग में सराबोर करेंगे।
रमणरेती की होली की विशेषता यह है कि यहां केवल प्राकृतिक रंगों का उपयोग होता है। टेसू के फूलों से बने केसरिया रंग और सुगंधित फूलों की पंखुड़ियों से होली खेली जाती है, जो पूरी तरह से सुरक्षित और आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करती है। उत्सव की शुरुआत भगवान श्री कृष्ण और राधारानी के स्वरूपों के साथ होली खेलकर होती है। वृंदावन और ब्रज के कलाकारों द्वारा मयूर नृत्य और चरकुला नृत्य की प्रस्तुतियां दी जाती हैं, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है। रमणरेती आश्रम की रेती में लोटकर और भगवान संग होली खेलने के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु मथुरा पहुंच रहे हैं। सुरक्षा और व्यवस्था के लिए प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं।
क्यों खास है रमणरेती की होली ?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रमणरेती वह पवित्र स्थान है जहां भगवान श्री कृष्ण अपने बाल सखाओं और गौ-वंश के साथ रेत में क्रीड़ा किया करते थे। यहां की होली में गुलाल के साथ-साथ इस पावन मिट्टी का अंश भी भक्तों के मस्तक पर सजता है, जिसे वे सौभाग्य मानते हैं।
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