Mirror Vastu Myths: बेडरूम में मिरर और आत्मा का भ्रम, क्या है इस मान्यता के पीछे का तर्क?

punjabkesari.in Thursday, Jun 25, 2026 - 02:38 PM (IST)

Mirror Vastu Myths: मिरर घर की किसी भी दिशा में लगाने से कोई वास्तुदोष उत्पन्न नहीं होता। यह अल्पज्ञानी वास्तुविदों द्वारा फैलाया गया भ्रम है। वास्तुशास्त्र के प्राचीन ग्रंथों में तो मुंह देखने के कांच (मिरर) के बारे में तो कोई उल्लेख ही नहीं है। अलबत्ता फेंगशुई (चाइनीज वास्तु) में घर का कोई कोना कटा होने से अधूरेपन का एहसास होता है उस एहसास को दूर करने के लिए वहां मिरर लगाने की सलाह दी जाती है और वहां भी दिशाओं से इसका कोई सम्बन्ध नहीं है। वास्तुशास्त्र में मिरर लगाने से न कोई वास्तु परिवर्तन नहीं होता है।

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फेंगशुई में डायनिंग टेबल के पास की दीवार पर मिरर लगाने की सलाह जरूर दी जाती है क्योंकि मिरर लगाने से डायनिंग टेबल पर रखा भोजन रिफ्लेक्ट करके डबल नजर आता है, यह एक सिम्बाॅलिक है जिससे ऐसा लगता है कि घर में खाने की सामग्री भरपूर मात्रा में है। लेकिन भारतीय वास्तुशास्त्र में मिरर को लेकर ऐसी कोई जानकारी नहीं दी गई है और न ही भारत में चीन की तरह सिम्बाॅलिक भाषा का उपयोग किया जाता है।

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फेंगशुई में ही बेडरूम में बेड के सामने मिरर लगाने से रोका जाता है, क्योंकि उनकी मान्यता है कि जब हम रात को सोते हैं तो शरीर से आत्मा बाहर आती है वह मिरर में अपना रिफ्लेक्शन देखकर भ्रमित न हो जाये। जबकि वास्तुशास्त्र में ऐसी कोई मान्यता नहीं है। आप देखें कि, आजकल लगभग हर बेडरूम में टी.वी. होता है। बंद होने पर टी.वी. की स्क्रीन सेमी मिरर की तरह ही रिफ्लेक्शन देती है। इसी प्रकार नये बन रहे घरों के फर्श एवं टॉयलेट, बाथरूम की दीवारों पर इतनी चमकदार टाइल्स लगाई जाने लगी हैं, जिनमें आप अपना रिफ्लेक्शन देख सकते हैं। घर में मिरर किसी भी दिशा में किसी भी स्थान पर लगाये इससे कोई वास्तुदोष नहीं आता है लेकिन मिरर लगाते समय इस बात का ध्यान जरूर रखें कि इसके रिफ्लेक्शन से आपकी प्रायवेसी डिस्टर्ब न हो।

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मिरर का आकार चैकोर, आयताकार, गोल, अंडाकार या डिजाइनर कट वाले शीशे किसी भी प्रकार का रख सकते हैं। इससे भी वास्तु में कोई फर्क नहीं पड़ता है।

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वास्तु गुरु कुलदीप सलूजा
thenebula2001@gmail.com

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Content Writer

Niyati Bhandari

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