ये चमत्कारी मंत्र, दूर करेंगे आपका हर कष्ट

2020-01-13T15:08:43.387

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
हिंदू पंचांग के अनुसार हर माह में दो चतुर्थी तिथि आती हैं, एक शुक्ल पक्ष में जिसे विनायकी चतुर्थी कहा जाता है दूसरी कृष्ण पक्ष में जिसे संकष्टी चतुर्थी कहते हैं। इसी तरह एक साल में कुल 24 चतुर्थी व्रत पड़ते हैं, लेकिन सभी में माघ मास के कृष्ण पक्ष की संकष्टी चतुर्थी का विशेष महत्व माना गया है। शास्त्रों में इसे सकट चौथ, संकटाचौथ, तिलकुट चौथ आदि नामों से भी जाना जाता है। इस व्रत में भगवान गणेश की पूजा की जाती है। 
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कहते हैं कि महिलाएं अपने पुत्रों की दीर्घायु और खुशहाल जीवन की कामना के लिए ये व्रत रखती हैं। इस दिन निर्जला व्रत रख भगवान गणपति की विधि विधान से आराधना की जाती है तथा उन्हें तिल के लड्डू चढ़ाए जाते हैं। रात में चांद को देखकर व्रत खोला जाता है। इसके साथ ही आज हम आपको बताने जा रहे हैं, कुछ ऐसे मंत्र जिनका आज जाप करने से आपका हर कष्ट दूर हो सकता है। 
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मंत्र
श्री महागणपति प्रणव मूलमंत्र: ऊँ ।
ऊँ वक्रतुण्डाय नम: ।
श्री महागणपति प्रणव मूलमंत्र: ऊँ गं ऊँ । महाकर्णाय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्ती प्रचोदयात् ।।
ऊँ गं गणपतये नम:।
ऊँ श्री गणेशाय नम: ।
ऊँ नमो भगवते गजाननाय ।
ऊँ वक्रतुण्डाय हुम् ।

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इस दिन शाम के समय चन्द्रोदय के बाद तिल, गुड़ आदि के जरिए पूजा की जाती है। चन्द्रमा को अर्घ्य देकर तिलकुट का पहाड़ बनाया जाता है। अर्घ्य और पूजा के बाद सब कथा सुनते हैं और साथ ही सबको प्रसाद दिया जाता है।
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