महाशिवरात्रि से पहले जरूर जान लें घर के मंदिर में शिवलिंग स्थापित करने का ये है वास्तु निमय ?
punjabkesari.in Saturday, Feb 14, 2026 - 02:56 PM (IST)
Mahashivratri Shivling Sthapana Vastu Rules : महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव की कृपा पाने का सबसे बड़ा अवसर होता है। इस शुभ दिन पर कई भक्त अपने घर के मंदिर में शिवलिंग स्थापित कर महादेव का आशीर्वाद सदा के लिए अपने घर लाना चाहते हैं। परंतु, क्या आप जानते हैं कि शिवलिंग केवल एक मूर्ति नहीं, बल्कि ऊर्जा का साक्षात् पुंज है। यदि इसकी स्थापना में वास्तु और दिशा से जुड़ी छोटी सी भी चूक हो जाए, तो इसके पूर्ण शुभ फल प्राप्त नहीं होते। गलत दिशा में रखा शिवलिंग घर की शांति और ऊर्जा प्रवाह को प्रभावित कर सकता है। इसलिए, यदि आप भी इस महाशिवरात्रि अपने घर में भोलेनाथ को स्थान देने जा रहे हैं, तो दिशा और स्थान से जुड़े इन अनिवार्य वास्तु नियमों को जान लेना आपके लिए अत्यंत आवश्यक है। तो आइए जानते हैं वे कौन सी गलतियां हैं जिनसे आपको बचना चाहिए।

सबसे महत्वपूर्ण: दिशा का चयन
शिवलिंग की स्थापना करते समय सबसे बड़ी गलती उसकी दिशा को लेकर होती है। शिवलिंग की 'जलाधारी' हमेशा उत्तर दिशा की ओर होनी चाहिए। जब आप पूजा करें, तो आपका मुख उत्तर या पूर्व की ओर होना चाहिए। दक्षिण की ओर मुख करके पूजा करना वर्जित माना गया है।
घर के लिए शिवलिंग का आकार
वास्तु शास्त्र और शास्त्रों के अनुसार, घर के मंदिर में बहुत बड़ा शिवलिंग नहीं रखना चाहिए। घर के लिए शिवलिंग का आकार आपकी अंगूठे के ऊपर वाले पोर से बड़ा नहीं होना चाहिए। बड़े शिवलिंग केवल मंदिरों के लिए उपयुक्त होते हैं क्योंकि उन्हें विशेष प्राण-प्रतिष्ठा और भारी ऊर्जा की आवश्यकता होती है।

स्थापना का स्थान
शिवलिंग को कभी भी अंधेरे कोने या बेडरूम में स्थापित न करें। इसे हमेशा घर के ईशान कोण (North-East) यानी पूजा घर में ही रखें। ध्यान रहे कि शिवलिंग के आसपास सफाई और खुलापन हो ताकि ऊर्जा का प्रवाह सही बना रहे।
अकेले न रखें शिवलिंग
शिवलिंग को कभी भी अकेला नहीं रखना चाहिए। शिव परिवार की उपस्थिति ऊर्जा को संतुलित करती है। संभव हो तो पास में माता पार्वती, गणेश जी और कार्तिकेय जी की प्रतिमा या चित्र अवश्य रखें। एक नंदी की प्रतिमा भी स्थापित करें जिसका मुख शिवलिंग की ओर हो।
नियमित अभिषेक और शुद्धता
अगर आप महाशिवरात्रि पर शिवलिंग स्थापित कर रहे हैं, तो यह संकल्प लें कि आप नियमित रूप से जल चढ़ाएंगे। शिवलिंग पर हमेशा तांबे के लोटे से जल चढ़ाना शुभ होता है। शिवलिंग को कभी भी गंदा या धूल भरा न रहने दें, इससे घर में नकारात्मकता आती है।

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