Magh Mela Snan 2026 : आज माघ मेले का तीसरा प्रमुख स्नान, मौनी अमावस्या पर संगम में लगेगी आस्था की डुबकी
punjabkesari.in Sunday, Jan 18, 2026 - 08:42 AM (IST)
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Magh Mela Snan 2026 : प्रयागराज में आयोजित हो रहे माघ मेले का तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण शाही स्नान मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर 18 जनवरी को संगम तट पर संपन्न होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन त्रिवेणी संगम में स्नान करने से व्यक्ति को जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति मिलती है। इसी आस्था के चलते देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु, संत और कल्पवासी प्रयागराज पहुंचने की तैयारी में हैं। धर्म शास्त्रों में माघ मेले का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि माघ मास में सभी देवी-देवता संगम तट पर वास करते हैं, जिससे यहां किया गया स्नान, दान और तप कई गुना फलदायी हो जाता है। ऐसे में मौनी अमावस्या का शाही स्नान अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है।
मौनी अमावस्या पर शाही स्नान का महत्व
माघ मेला 2026 का तीसरा शाही स्नान 18 जनवरी 2026 को मौनी अमावस्या के अवसर पर होगा। यह मकर संक्रांति के बाद का सबसे बड़ा स्नान पर्व है। हिंदू पंचांग के अनुसार, मौनी अमावस्या माघ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को पड़ती है। वर्ष 2026 में यह तिथि 18 जनवरी की रात 12 बजकर 3 मिनट से शुरू होकर 19 जनवरी की रात 1 बजकर 21 मिनट तक रहेगी। इस दिन मौन व्रत, पवित्र नदियों में स्नान और दान-पुण्य का विशेष महत्व बताया गया है।
शाही स्नान का शुभ समय
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 5:27 से 6:21 बजे तक संगम में स्नान करना अमृत समान फल देने वाला माना गया है। इसके साथ ही पूरे दिन पंचग्रही योग रहेगा, जबकि सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 10:14 बजे से अगले दिन तक प्रभावी रहेगा, जिससे स्नान और धार्मिक कर्मों का महत्व और बढ़ जाएगा।
सबसे पहले कौन करेगा शाही स्नान
परंपरा के मुताबिक, मौनी अमावस्या के दिन सबसे पहले विभिन्न अखाड़ों के साधु-संत, नागा साधु और ऋषि-मुनि गाजे-बाजे के साथ संगम में स्नान करेंगे। इसके पश्चात कल्पवासी और आम श्रद्धालुओं को स्नान का अवसर मिलेगा। मान्यता है कि अखाड़ों के स्नान के बाद संगम जल में विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है।
संगम तट पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
मौनी अमावस्या स्नान पर्व से पहले ही संगम तट पर श्रद्धालुओं का सैलाब देखने को मिल रहा है। लाखों की संख्या में भक्त त्रिवेणी संगम पहुंचकर पुण्य की डुबकी लगा रहे हैं। संगम नोज और आसपास के घाट श्रद्धालुओं से भरे हुए हैं। मौनी अमावस्या से एक दिन पहले ही स्नान घाटों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी है, जिससे पूरा मेला क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आ रहा है।
