Magh Mela 2026 : मकर संक्रांति पर 11 साल बाद बना महासंयोग, 24 घाटों पर उमड़ेगी आस्था, स्नाइपर्स से होगी निगरानी
punjabkesari.in Wednesday, Jan 14, 2026 - 08:19 AM (IST)
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Magh Mela 2026 : मकर संक्रांति के पावन अवसर पर 15 जनवरी को संगम तट पर आस्था और श्रद्धा का अद्भुत दृश्य देखने को मिलेगा। इस दिन दो करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के संगम में स्नान करने की संभावना को देखते हुए मेला प्रशासन ने व्यापक और सघन तैयारियां शुरू कर दी हैं। अरैल, झूंसी और संगम क्षेत्र में कुल 24 घाटों को स्नान के लिए तैयार किया गया है, ताकि श्रद्धालु जिस दिशा से आएं, उन्हें वहीं पास के घाट पर स्नान की सुविधा मिल सके।
पिछले वर्ष मकर संक्रांति पर करीब 29 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई थी। इस बार भीड़ के बढ़ने की संभावना को ध्यान में रखते हुए स्नान घाटों की कुल लंबाई बढ़ाकर 3.69 किलोमीटर कर दी गई है, जो पहले लगभग दो किलोमीटर थी। इसके साथ ही मेला क्षेत्र में 106 किलोमीटर से अधिक लंबाई में चेकर्ड प्लेट से सड़कें बनाई गई हैं, जिससे आवागमन सुगम हो सके।
आध्यात्मिक वातावरण को और भव्य बनाने के लिए तीर्थ पुरोहितों, आचार्यबाड़ा, दंडीबाड़ा, खाक चौक सहित प्रमुख धार्मिक संस्थाओं के शिविर पूरी तरह सज चुके हैं। प्रशासन का अनुमान है कि इस दौरान 10 लाख से ज्यादा कल्पवासी भी संगम स्नान करेंगे। उनके लिए उनके-अपने सेक्टर के नजदीक ही घाट निर्धारित किए गए हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 14 अस्थायी होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं। ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए बाइक टैक्सी की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। वहीं, पर्यटकों के आकर्षण के लिए स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा वाटर स्पोर्ट्स और फ्लोटिंग रेस्टोरेंट का संचालन किया जा रहा है, जिसका अब तक हजार से अधिक लोग आनंद उठा चुके हैं।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) की टीमें तैनात कर दी गई हैं और अत्याधुनिक हथियारों से लैस प्रशिक्षित स्नाइपर संवेदनशील क्षेत्रों में नजर रखेंगे, ताकि किसी भी असामाजिक गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
स्नान के लिए अरैल क्षेत्र में पक्का घाट, महाकाल आरती घाट, चक्रम माधव घाट और सोमेश्वर महादेव घाट सहित कई घाट तैयार किए गए हैं। झूंसी क्षेत्र में संगम लोअर घाट, दंडीबाड़ा, आचार्यबाड़ा और कल्पवासी घाट प्रमुख हैं। वहीं, परेड संगम क्षेत्र में संगम नोज, गंगा और यमुना पट्टी के घाट, दशाश्वमेध, नागवासुकि सहित अनेक घाटों पर श्रद्धालु स्नान कर सकेंगे।
