Lohri 2026: शादी के बाद पहली लोहड़ी मना रहे हैं? तो भूलकर भी न करें ये गलतियां

punjabkesari.in Tuesday, Jan 13, 2026 - 08:59 AM (IST)

Lohri 2026: लोहड़ी का पर्व सिख धर्म और उत्तर भारत की सांस्कृतिक परंपराओं में विशेष स्थान रखता है। हर वर्ष मकर संक्रांति से एक दिन पहले मनाई जाने वाली लोहड़ी इस बार 13 जनवरी 2026 (मंगलवार) को धूमधाम से मनाई जाएगी। खासतौर पर जिन घरों में नवविवाहित दंपति की पहली लोहड़ी होती है, वहां इस पर्व का महत्व और भी बढ़ जाता है। लोहड़ी केवल उत्सव नहीं, बल्कि नई शुरुआत, समृद्धि और वंश वृद्धि का प्रतीक मानी जाती है। ऐसे में अगर विवाह के बाद यह आपकी पहली लोहड़ी है, तो कुछ विशेष नियमों और परंपराओं का पालन करना बेहद जरूरी माना गया है।

PunjabKesari Lohri 2026

लोहड़ी 2026 का महत्व
लोहड़ी को मुख्य रूप से कृषि पर्व के रूप में मनाया जाता है। इस समय किसान अपनी रबी फसल, विशेषकर गेहूं और सरसों की अच्छी पैदावार की खुशी में अग्नि देव और सूर्य देव को धन्यवाद अर्पित करते हैं। लोहड़ी की पवित्र अग्नि में नई फसल का भोग लगाकर सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।

शास्त्रों और लोक मान्यताओं के अनुसार, विवाह के बाद पहली लोहड़ी दांपत्य जीवन की खुशहाली और संतान सुख से जुड़ी मानी जाती है।

PunjabKesari Lohri 2026

Lohri 2026 Shubh Muhurat  लोहड़ी 2026 शुभ मुहूर्त
लोहड़ी पर्व:
13 जनवरी 2026, मंगलवार
संक्रांति क्षण: 14 जनवरी 2026, दोपहर 03:13 बजे

PunjabKesari Lohri 2026

अग्नि प्रज्वलन का शुभ समय:
शाम 06:30 बजे से रात 08:30 बजे तक

इस समय अग्नि प्रज्वलन और पूजा करना विशेष शुभ फलदायी माना जाता है।

PunjabKesari Lohri 2026

पहली लोहड़ी पर इन बातों का रखें खास ध्यान
पहनावे को लेकर सावधानी

लोहड़ी के दिन काले, सफेद या बहुत सादे कपड़े पहनने से बचें। नवविवाहित महिलाओं को पारंपरिक परिधान जैसे फुलकारी दुपट्टा, रंगीन सूट या भारी वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है।

अग्नि में आहुति के नियम
लोहड़ी की पवित्र अग्नि में तिल, गुड़, रेवड़ी और मूंगफली का भोग लगाया जाता है। ध्यान रखें कि जो सामग्री अग्नि में अर्पित करनी है, उसे जूठा न करें। पहले अलग से निकालकर रखें, क्योंकि जूठी सामग्री अग्नि में डालना अशुभ माना जाता है।

उपहार और आशीर्वाद
पहली लोहड़ी पर मिलने वाले सभी उपहारों को मुस्कुराकर स्वीकार करें और बड़ों का आशीर्वाद अवश्य लें। यह दांपत्य जीवन में मधुरता और सौभाग्य बढ़ाता है।

PunjabKesari Lohri 2026

अग्नि की परिक्रमा
नवविवाहित दंपति द्वारा लोहड़ी की अग्नि की परिक्रमा करना अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे वंश वृद्धि और वैवाहिक सुख प्राप्त होता है।

पूजा के समय रहें उपस्थित
लोहड़ी की शाम अग्नि प्रज्वलन का समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। इस समय पूजा और आहुति के दौरान नवविवाहित दंपति की उपस्थिति आवश्यक मानी जाती है।

लोहड़ी 2026: नई शुरुआत का पर्व
लोहड़ी न केवल उत्सव है, बल्कि नए जीवन, नई जिम्मेदारियों और नई उम्मीदों का प्रतीक भी है। सही विधि और श्रद्धा के साथ मनाई गई पहली लोहड़ी दांपत्य जीवन को सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा से भर देती है।

PunjabKesari Lohri 2026

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
 

 

 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Niyati Bhandari

Related News