Shani Jayanti 2026: अनजाने में की गई ये 5 गलतियां कर देंगी कंगाल! न्याय के देवता को प्रसन्न करने के लिए भूलकर भी न खरीदें ये चीजें
punjabkesari.in Thursday, May 07, 2026 - 09:58 AM (IST)
Shani Jayanti 2026: ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि को मनाया जाने वाला शनि जयंती का पर्व इस बार 16 मई 2026 को आ रहा है। ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को न्याय का देवता और कर्मफल दाता माना गया है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के अशुभ प्रभावों से मुक्ति मिलती है। क्या आप जानते हैं कि आपकी एक छोटी सी लापरवाही शनि देव को क्रोधित कर सकती है? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शनि जयंती के दिन कुछ विशेष वस्तुओं की खरीदारी करना वर्जित माना गया है। यदि आप इन चीजों को घर लाते हैं, तो सुख-समृद्धि की जगह जीवन में दरिद्रता और बाधाएं दस्तक दे सकती हैं।
सावधान! शनि जयंती पर इन 5 चीजों की खरीदारी है 'वर्जित'

तेल खरीदने से बचें
तेल खरीदने से बचना चाहिए। इस दिन सरसों या किसी भी पदार्थ का तेल खरीदने से व्यक्ति कई रोगों से ग्रस्त हो सकता है।
काले तिल खरीदने से बचें
काले तिन खरीदने की वजह से जरूरी कार्यों में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि काले तिल चढ़ाने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं लेकिन काले तिल की खरीदार शनिवार और शनि जयंती के अलावा किसी अन्य दिन ही करें।

नमक खरीदने से करें परहेज
नमक न खरीदें। इस दिन नमक खरीदने से कर्ज में बढ़ौतरी की संभावना बढ़ जाती है।
काले रंग के जूते/कपड़े
भूलकर भी काले रंग के जूते नहीं खरीदने चाहिए। इस दिन खरीदे गए काले रंग के जूते पहनने से हर किए काम में असफलता मिलने लगती है। इसके अलावा काले रंग के कपड़े भी न खरीदें।

इलेक्टॉनिक सामान
किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक सामान की खरीदारी नहीं करनी चाहिए। शनिवार और शनि जयंती का दिन इलेक्ट्रॉनिक सामान की खरीदारी के लिए अशुभ माना जाता है।
स्याही
स्याही (पैन) नहीं खरीदनी चाहिए। शनिवार और शनि जयंती के दिन खरीदी गई स्याही से इंसान अपयश की ओर बढ़ता जाता है।
लोहे से बनी चीजें
लोहे से बनी कोई भी वस्तु बिल्कुल भी न खरीदें। इस दिन लोहे से बनी वस्तुएं खरीदने से परहेज करना चाहिए।

कैंची
कैंची न खरीदें। कैंची खरीदने से रिश्तों में तनाव आने लगता है।
विशेष सलाह: शनि देव की कृपा पाने के लिए इस दिन दान-पुण्य पर ध्यान दें और अनजाने में भी इन वर्जित वस्तुओं को घर लाकर उनके कोप का भागी न बनें।

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