काशी विश्वनाथ धाम में No Misbehavior Policy ! सीएम योगी का फरमान, अधिकारियों को दी कड़ी हिदायत
punjabkesari.in Thursday, Mar 05, 2026 - 01:40 PM (IST)
Kashi Vishwanath Dham news : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी दौरे के दौरान काशी विश्वनाथ धाम में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा है कि बाबा के दरबार में आने वाले किसी भी भक्त के साथ अमर्यादित व्यवहार कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा साथ ही उन्होंने कहा कि श्री काशी विश्वनाथ धाम की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जहां श्रद्धालु केवल श्रद्धा और शांति का अनुभव करें, न कि डर या बदसलूकी का।
पुलिस और प्रशासन को कड़ी चेतावनी
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से पुलिस बल और मंदिर प्रशासन को निर्देशित किया है। मंदिर परिसर और आसपास तैनात पुलिसकर्मियों को श्रद्धालुओं के साथ विनम्रता और सहयोगपूर्ण व्यवहार करने का प्रशिक्षण दिया जाए। यदि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ भक्त से बदतमीजी या धक्का-मुक्की की शिकायत मिली, तो उस पर तत्काल और कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
धार्मिक स्थल कमाई का जरिया नहीं
सीएम योगी ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि धार्मिक संस्थान श्रद्धा के केंद्र हैं, न कि व्यापार के। कॉरिडोर के भीतर स्थित दुकानों पर बिकने वाली पूजन सामग्री और अन्य वस्तुओं के दाम उचित होने चाहिए। श्रद्धालुओं से अधिक पैसे वसूलने वाले दुकानदारों पर मंदिर प्रशासन सख्त निगरानी रखे।
आगामी त्योहारों के लिए मेगा प्लान
होली और अन्य आगामी त्योहारों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने विशेष निर्देश दिए हैं। बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए लगने वाली लंबी कतारों में बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए बैठने व पानी की समुचित व्यवस्था हो। पूरे कॉरिडोर और घाटों पर 24 घंटे सफाई और आधुनिक लाइटों का इंतजाम सुनिश्चित किया जाए।
विरासत का संरक्षण और विकास
मुख्यमंत्री ने मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट के जीर्णोद्धार कार्य में तेजी लाने के साथ-साथ यह भी कहा कि निर्माण के दौरान हमारी ऐतिहासिक धरोहरों के मूल स्वरूप से कोई छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए।
भक्तों के लिए क्या बदला ?
अब श्रद्धालु किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार की शिकायत मंदिर परिसर में मौजूद हेल्पडेस्क या सीधे प्रशासन से कर सकेंगे।सुरक्षा के नाम पर भक्तों को बेवजह परेशान नहीं किया जाएगा, बल्कि तकनीक के जरिए निगरानी बढ़ाई जाएगी।
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