Kalishila Mandir: इस मंदिर में मां दुर्गा ने किया था  शुंभ-निशुंभ का संहार, आज भी गूंजती है जगदंबा की शक्ति

punjabkesari.in Thursday, Apr 03, 2025 - 01:44 PM (IST)

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Kalishila Mandir: भारत में कई ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों का अत्यधिक महत्व है, जहां लोग आस्था और विश्वास के साथ यात्रा करते हैं। इन्हीं विशेष स्थलों में से एक है कालीशिला मंदिर, जो अपनी ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर के लिए प्रसिद्ध है। कालीशिला मंदिर का संबंध महाकाव्य देवी महात्म्य से है, जिसमें बताया गया है कि यहां मां दुर्गा ने शुंभ और निशुंभ जैसे राक्षसों का संहार किया था। कालीशिला में स्थित मां दुर्गा का मंदिर एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है, जहां जाने से आज भी श्रद्धालु एक अद्भुत शक्ति और अनुभव का अहसास करते हैं। यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्थाओं का केंद्र है बल्कि यह स्थान शक्तिपीठ के रूप में भी प्रसिद्ध है। कालीशिला मंदिर की कहानी और इसके ऐतिहासिक महत्व को जानकर आप भी इस स्थल पर जाने के लिए प्रेरित हो सकते हैं। तो चलिए जानते हैं कालीशिला मंदिर के बारे में और साथ ही इसके धार्मिक महत्व और प्रभाव के बारे में विस्तार से।

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उत्तराखंड में स्थित है कालीशिला मंदिर
मां दुर्गा का कालीशिला मंदिर उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में स्थित है। इस मंदिर की शक्ति बेहद ही अद्भुद है, जो भी इस मंदिर में आता है उसे बहुत ही असीम शक्ति का अनुभव होता है। स्कन्द पुराण में भी इस मंदिर का उल्लेख मिलता है। इस मंदिर में आज भी जगत जननी देवी काली के पैरों के निशान मौजूद हैं।

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कालीशिला मंदिर से जुड़ी मान्यताएं-
किवदिंतियों के अनुसार मां दुर्गा ने राक्षस शुंभ-निशुंभ का वध करने के लिए 12 साल की बालिका का रूप धारण किया था। मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर में  देवी-देवताओं के यंत्र है और इन्हीं यंत्रों से मां दुर्गा को शक्ति मिली थी। इस मंदिर की खास बात यह है कि आज भी 64 योगिनियां यहां पर विचरण करती रहती हैं। यह मंदिर सबसे प्रभावशाली मंदिरों में से एक माना जाता है। खासतौर पर नवरात्रों के दौरान यहां भक्तों का जमावड़ा देखने को मिलता है।

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Content Editor

Prachi Sharma

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