पुरी श्रीमंदिर की बड़ी पहल ! अब देश-दुनिया के हर जगन्नाथ मंदिर में एक समान होंगे अनुष्ठान, बनेगी मास्टर गाइडलाइन
punjabkesari.in Friday, Mar 20, 2026 - 09:55 AM (IST)
Jagannath Temple Ritual Guidelines : सदियों पुरानी परंपराओं और अटूट आस्था के केंद्र, पुरी स्थित Shree Jagannath Temple प्रशासन ने एक क्रांतिकारी निर्णय लिया है। अब भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में स्थित तमाम जगन्नाथ मंदिरों में भी पूजा-विधि, भोग और धार्मिक अनुष्ठानों में एकरूपता लाई जाएगी। इसके लिए एक मास्टर गाइडलाइन तैयार की जा रही है।
एक समान पूजा पद्धति और प्रोटोकॉल
वर्तमान में दुनिया भर में हजारों जगन्नाथ मंदिर हैं, जहां स्थानीय रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा होती है। पुरी प्रशासन का उद्देश्य है कि महाप्रभु की दैनिक सेवा, आरती और विशेष पर्वों की विधि बिल्कुल वैसी ही हो जैसी पुरी के मूल मंदिर में होती है। कपाट खुलने से लेकर शयन तक का समय एक समान रखने का प्रयास किया जाएगा।
क्यों पड़ी इसकी जरूरत ?
जगन्नाथ संस्कृति के जानकारों का मानना है कि महाप्रभु की सेवा के कुछ मूल नियम हैं, जिन्हें 'नीति' कहा जाता है। कई जगहों पर इन नीतियों का पालन सही ढंग से नहीं हो पा रहा था।
इस गाइडलाइन के जरिए मूल परंपराओं के क्षरण को रोका जा सकेगा।
नई पीढ़ी और दुनिया भर के भक्तों को जगन्नाथ संस्कृति के शुद्ध स्वरूप की जानकारी मिलेगी।
मास्टर गाइडलाइन' में क्या होगा खास ?
पुरी मंदिर के वरिष्ठ सेवायतों और विद्वानों की एक टीम इस निर्देशिका को तैयार कर रही है। इसमें मुख्य रूप से शामिल होंगे।
महाप्रसाद (भोग): शुद्धता और रसोइघर के नियमों की जानकारी।
सेवायत प्रशिक्षण: पुजारियों को पुरी की पद्धति के अनुसार प्रशिक्षित करने का खाका।
रत्नवेदी की मर्यादा: गर्भगृह और विग्रहों की सेवा के नियम।
वैश्विक स्तर पर जुड़ेगा भक्ति का सूत्र
इस पहल के बाद, जब कोई भक्त अमेरिका, लंदन या दिल्ली के किसी भी जगन्नाथ मंदिर में जाएगा, तो उसे वही आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त होगा जो पुरी के मुख्य धाम में मिलता है। यह कदम वैश्विक स्तर पर जगन्नाथ भक्तों को एक सूत्र में पिरोने का काम करेगा।
मंदिर प्रशासन का बयान
श्रीमंदिर प्रशासन के अनुसार, यह गाइडलाइन अनिवार्य होने के बजाय एक Standard के रूप में कार्य करेगी, ताकि हर मंदिर अपनी व्यवस्थाओं को पुरी के मानकों के अनुरूप ढाल सके।
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