Magh Mela 2026 : माघ मेला जाने की प्लानिंग ? जानें संगम नगरी पहुंचने का आसान रास्ता—रेल, रोड और हवाई रूट

punjabkesari.in Wednesday, Jan 07, 2026 - 10:51 AM (IST)

Magh Mela 2026 : आस्था और परंपराओं का प्रतीक माघ मेला इस वर्ष प्रयागराज में खास चर्चा का विषय बना हुआ है। 3 जनवरी 2026 से शुरू होकर 15 फरवरी तक चलने वाला यह आयोजन न सिर्फ श्रद्धालुओं, बल्कि पर्यटकों को भी बड़ी संख्या में आकर्षित कर रहा है। खास बात यह है कि साल 2025 में प्रयागराज को ऑनलाइन सर्च करने वालों की संख्या गोवा और कश्मीर जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों से भी अधिक रही। इसी कारण इस बार संगम तट पर रिकॉर्ड भीड़ उमड़ने की संभावना जताई जा रही है। अगर आप भी माघ मेले में संगम स्नान की योजना बना रहे हैं, तो यात्रा को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है। प्रयागराज तक पहुंचने के लिए रेल, सड़क और हवाई—तीनों ही माध्यम आज पहले से कहीं अधिक सुगम हो चुके हैं।

रेल से यात्रा
प्रयागराज उत्तर मध्य रेलवे का मुख्य केंद्र है, जिससे इसकी रेल कनेक्टिविटी बेहद मजबूत मानी जाती है। शहर और आसपास कुल 9 रेलवे स्टेशन हैं। प्रयागराज जंक्शन से दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और बेंगलुरु जैसे बड़े महानगरों के लिए सीधी ट्रेनें मिल जाती हैं।
स्टेशन के बाहर ई-रिक्शा, ऑटो और स्थानीय बसें आसानी से उपलब्ध रहती हैं, जो किफायती दरों पर मेला क्षेत्र तक पहुंचा देती हैं। माघ मेले के दौरान रेलवे अतिरिक्त ट्रेनें और विशेष व्यवस्थाएं भी करता है, ताकि यात्रियों को सुविधा मिल सके।

सड़क मार्ग की सुविधा
बस या निजी वाहन से आने वाले यात्रियों के लिए भी प्रयागराज तक पहुंचना आसान है। देश के बीचोंबीच स्थित होने के कारण यहां कई प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरते हैं। दिल्ली–कोलकाता मार्ग का NH-2 शहर से होकर जाता है, जबकि मध्य प्रदेश और राजस्थान से आने वालों के लिए NH-27 और NH-76 बेहतर विकल्प हैं। अयोध्या से रामलला के दर्शन के बाद प्रयागराज आने वालों के लिए NH-96 सबसे सुविधाजनक माना जाता है। सिविल लाइंस और जीरो रोड बस अड्डों से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों के लिए लगातार बस सेवाएं उपलब्ध रहती हैं।

हवाई मार्ग
जो लोग कम समय में यात्रा पूरी करना चाहते हैं, उनके लिए हवाई सफर उपयुक्त है। बमरौली एयरपोर्ट शहर से लगभग 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जहां दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु से नियमित उड़ानें आती हैं।
यदि सीधे प्रयागराज की फ्लाइट न मिले, तो वाराणसी या लखनऊ एयरपोर्ट तक उड़ान लेकर वहां से टैक्सी या बस द्वारा 3–4 घंटे में प्रयागराज पहुंचा जा सकता है।

जरूरी यात्रा सुझाव
मुख्य स्नान पर्वों के दौरान शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहता है। ऐसे समय में मेला क्षेत्र तक पहुंचने के लिए ई-रिक्शा, शटल बस या पैदल मार्ग का उपयोग करना अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक रहता है।

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Content Editor

Prachi Sharma

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