Holashtak 2026: होलाष्टक के दौरान दिखें ऐसे सपने तो समझें ये है दैवीय संकेत
punjabkesari.in Tuesday, Feb 24, 2026 - 09:03 AM (IST)
Holashtak 2026 Dream Interpretation: रंगों का पर्व होली जहां उल्लास और उत्सव का प्रतीक है, वहीं उससे पहले आने वाले आठ दिनों को सनातन परंपरा में होलाष्टक कहा जाता है। वर्ष 2026 में होलाष्टक की शुरुआत 24 फरवरी 2026 से होगी और यह 3 मार्च 2026 तक रहेगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में विवाह, सगाई या अन्य मांगलिक कार्यों से परहेज किया जाता है, लेकिन पूजा-पाठ, जप-तप और भक्ति के लिए यह समय अत्यंत शुभ माना गया है। स्वप्न शास्त्र के अनुसार होलाष्टक के दौरान देखे गए कुछ विशेष सपने दैवीय संकेत माने जाते हैं। आइए जानते हैं ऐसे सपनों के बारे में, जो शुभ भविष्य का संकेत दे सकते हैं।

भगवान विष्णु या भक्त प्रह्लाद के दर्शन
होलाष्टक की पौराणिक कथा का संबंध भक्त प्रह्लाद और भगवान विष्णु से जुड़ा है। यदि इस दौरान किसी व्यक्ति को सपने में श्री हरि विष्णु या भक्त प्रह्लाद के दर्शन होते हैं, तो इसे अत्यंत शुभ माना जाता है।
धार्मिक मान्यता है कि ऐसा सपना दैवीय कृपा और संरक्षण का संकेत देता है। यह दर्शाता है कि जीवन में चल रही परेशानियां समाप्त होने वाली हैं और ईश्वर की विशेष कृपा प्राप्त होने वाली है। आने वाले समय में बाधाएं दूर होंगी और कार्यों में सफलता मिलने लगेगी।

पीले रंग से होली खेलना
पीला रंग भगवान विष्णु को अति प्रिय माना जाता है और इसे समृद्धि, ज्ञान और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक समझा जाता है। यदि आप सपने में स्वयं को पीले गुलाल से होली खेलते देखते हैं, तो यह शुभ संकेत माना जाता है।
स्वप्न शास्त्र के अनुसार ऐसा सपना स्वास्थ्य में सुधार, मानसिक शांति और आर्थिक स्थिति में मजबूती का संकेत देता है। यह इस बात का प्रतीक भी हो सकता है कि जीवन में सुखद परिवर्तन आने वाले हैं।

परिवार या मित्रों को आनंद से होली खेलते देखना
यदि होलाष्टक के दौरान सपने में आप अपने परिवार, रिश्तेदारों या मित्रों को हंसी-खुशी होली खेलते देखते हैं, तो यह पारिवारिक सौहार्द और सामाजिक सम्मान का प्रतीक माना जाता है।
यह संकेत देता है कि घर में चल रही अनबन या गलतफहमियां समाप्त होंगी। रिश्तों में प्रेम और सामंजस्य बढ़ेगा। सामाजिक जीवन में भी प्रतिष्ठा में वृद्धि संभव है।

मंदिर या पूजा का दृश्य देखना
होलाष्टक के दौरान सपने में मंदिर, दीपक या पूजा का दृश्य देखना भी शुभ माना जाता है। ऐसा सपना आध्यात्मिक उन्नति और सकारात्मक ऊर्जा के आगमन का संकेत देता है। यह दर्शाता है कि आपके जीवन में ईश्वरीय मार्गदर्शन मिलने वाला है और कठिन परिस्थितियों से उबरने का मार्ग खुलेगा।

धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व
होलाष्टक को आत्मशुद्धि और साधना का समय माना जाता है। इन आठ दिनों में ग्रहों की स्थिति उग्र मानी जाती है, लेकिन भक्ति और साधना करने वालों के लिए यह समय विशेष फलदायी होता है। स्वप्न शास्त्र के अनुसार इस अवधि में देखे गए सपनों का प्रभाव शीघ्र दिखाई दे सकता है।
24 फरवरी से 3 मार्च 2026 तक चलने वाला होलाष्टक केवल वर्जनाओं का समय नहीं है, बल्कि यह आध्यात्मिक संकेतों को समझने का भी अवसर है। यदि इस दौरान उपरोक्त में से कोई सपना दिखाई दे, तो इसे सकारात्मक संकेत मान सकते हैं। हालांकि, किसी भी स्वप्न का फल व्यक्ति की व्यक्तिगत परिस्थितियों और मानसिक स्थिति पर भी निर्भर करता है।

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