Vikata Sankashti Chaturthi 2026 : बाधाएं होंगी राख, खुशियां आएंगी पास ! विकट चतुर्थी पर बप्पा को अर्पित करें उनकी ये 5 प्रिय चीजें

punjabkesari.in Sunday, Apr 05, 2026 - 08:24 AM (IST)

Vikata Sankashti Chaturthi 2026 : हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को विकट संकष्टी चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है। वर्ष 2026 में यह पावन तिथि 5 अप्रैल को पड़ रही है। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, विकट यानी कठिन बाधाएं और संकष्टी यानी संकटों को हरने वाली। मान्यता है कि इस दिन भगवान श्री गणेश की विधि-विधान से पूजा करने पर बड़े से बड़े संकट भी टल जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस दिन केवल मंत्रों का जाप या उनकी पूजा करना ही काफी नहीं है। यदि विकट चतुर्थी के दिन बप्पा को उनकी प्रिय वस्तुएं अर्पित करते हैं, तो वे अत्यंत शीघ्र प्रसन्न होकर आपके अटके हुए कार्यों को गति प्रदान करते हैं। तो आइए जानते हैं कि विकट चतुर्थी के दिन बप्पा को कौन सी चीजें अर्पित करनी चाहिए। 

Vikata Sankashti Chaturthi 2026

दूर्वा 
गणेश जी को दूर्वा सबसे अधिक प्रिय है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, अनलासुर नामक राक्षस के संहार के बाद जब गणेश जी के शरीर में जलन हो रही थी, तब दूर्वा ने ही उन्हें शीतलता प्रदान की थी।

कैसे अर्पित करें: 21 दूर्वा की गांठें बनाएं और उन्हें 'ॐ गं गणपतये नमः' मंत्र के साथ बप्पा के मस्तक पर चढ़ाएं।

लाभ: इससे बुध ग्रह के दोष दूर होते हैं और करियर में आ रही रुकावटें खत्म होती हैं।

मोदक या मोतीचूर के लड्डू
गणपति जी को 'लम्बोदर' कहा जाता है और उन्हें मीठा अत्यंत प्रिय है। शास्त्रों के अनुसार, मोदक ज्ञान और आनंद का प्रतीक है।

क्या करें: विकट चतुर्थी पर भगवान गणेश को कम से कम 5 या 21 मोदक का भोग लगाएं।

लाभ: घर में अन्न और धन की कभी कमी नहीं होती और परिवार में मिठास बनी रहती है।

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लाल सिंदूर
गणेश जी का स्वरूप 'गजानन' है और उन्हें लाल सिंदूर चढ़ाना बहुत शुभ माना जाता है। सिंदूर ऊर्जा और मंगल का प्रतीक है।

कैसे लगाएं: पूजा के दौरान गणेश जी के माथे पर सिंदूर का तिलक लगाएं और फिर वही तिलक अपने माथे पर भी लगाएं।

लाभ: इससे आत्मविश्वास बढ़ता है और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है।

लाल फूल 
लाल रंग गणेश जी को बहुत प्रिय है। लाल रंग का गुड़हल या गुलाब का फूल अर्पित करने से गणपति की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

महत्व: लाल फूल समर्पण और भक्ति का प्रतीक है।

लाभ: यह शत्रुओं के षड्यंत्र को विफल करता है और कोर्ट-कचहरी के मामलों में विजय दिलाता है।

शमी के पत्ते
कम ही लोग जानते हैं कि गणेश जी को शमी के पत्ते भी बहुत प्रिय हैं। शनि देव की बाधाओं को दूर करने के लिए यह सबसे अचूक उपाय है।

विधि: शाम के समय गणेश जी को शमी के पत्ते अर्पित करें और उनके सामने घी का दीपक जलाएं।

लाभ: इससे कुंडली के दोष शांत होते हैं और व्यापार में स्थिरता आती है।

Vikata Sankashti Chaturthi 2026

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Content Editor

Sarita Thapa

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