नए घर में कदम रखने से पहले क्यों लाई जाती है पुराने घर की मिट्टी, जानें वास्तु का रहस्य

punjabkesari.in Thursday, Sep 24, 2026 - 10:50 AM (IST)

Griha Pravesh Rules Vastu : नया घर बनाना हर इंसान का एक बहुत बड़ा सपना होता है। सालों की मेहनत, पसीने की कमाई और ढेरों अरमानों के बाद जब नया आशियाना बनकर तैयार होता है, तो उसकी शुरुआत यानी गृह प्रवेश बहुत धूमधाम और विधि-विधान से की जाती है। गृह प्रवेश के दौरान आपने अक्सर घर के बुजुर्गों को पुराने घर से मिट्टी लाकर नए घर के मुख्य द्वार या पूजा स्थान पर देखा होगा। कई बार लोग इसे सिर्फ एक पुरानी प्रथा मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन सनातान परंपरा और वास्तु में इसका गहरा अध्यात्मिक बताया गया है। तो आइए जानते हैं नए घर में पुराने घर की मिट्टी लाने के पीछे की असली वजह क्या है। 

जड़ों से जुड़ाव और पितरों की कृपा
पुराने घर की मिट्टी केवल माटी नहीं होती, बल्कि वह आपके बीते हुए सालों, संघर्षों, मेहनत और पूर्वजों की यादों का प्रतीक होती है। जिस पुराने घर में आपके माता-पिता या दादा-दादी ने अपना जीवन बिताया, वहां उनकी दिव्य ऊर्जा हमेशा बनी रहती है। पुराने घर की मिट्टी को नए घर में लाकर स्थापित करने का मतलब है कि आप अपने पितरों और पूर्वजों के आशीर्वाद को नए घर में सहर्ष आमंत्रित कर रहे हैं। यह परंपरा हमें सिखाती है कि चाहे जीवन में कितनी भी आर्थिक प्रगति क्यों न हो जाए, अपनी पुरानी जड़ों, संघर्ष और संस्कारों को कभी नहीं भूलना चाहिए।

वास्तु शास्त्र का विज्ञान
वास्तु शास्त्र में भूमि और मिट्टी को पंचभूतों में सबसे स्थिर और शक्तिशाली तत्व माना गया है। नया घर जहां बना होता है, वहां की जमीन की ऊर्जा को पूरी तरह से अनुकूल होने में थोड़ा समय लगता है। यदि आपके पुराने घर में खुशहाली, आरोग्य और उन्नति रही है, तो वहां की मिट्टी में उच्च-स्तरीय सकारात्मक ऊर्जा होती है। उस मिट्टी को नए घर में लाने से नए स्थान की नकारात्मकता दूर होती है। जैसे किसी पौधे को पुराने गमले से निकालकर नए गमले में लगाते समय उसकी जड़ों के साथ थोड़ी पुरानी मिट्टी रखी जाती है ताकि पौधा सूखे नहीं, ठीक वैसे ही परिवार के सदस्य नए माहौल में आसानी से ढल सकें और खुश रहें, इसलिए यह उपाय किया जाता है।

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Content Editor

Sarita Thapa

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