किशोरी जी को घर में विराजमान कराने से पहले जानें ये जरूरी वास्तु नियम
punjabkesari.in Saturday, Sep 19, 2026 - 10:53 AM (IST)
Radha Rani Idol Vastu Rules : हिंदू धर्म में राधा रानी की भक्ति को मोक्ष प्राप्ति करने का सबसे सरल और मधुर मार्ग माना गया है। भक्त अपने घरों में किशोरी जी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करके उनकी रोज सेवा-पूजा करते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में श्री राधा रानी की तस्वीर या मूर्ति स्थापान करते समय कुछ विशोष नियमों और दिशाओं का ध्यान रखना बहुत जरूरी है, ताकि घर में सदैव सुख, शांति और प्रेम का वातावरण बना रहे। यदि आप भी अपने घर में किशोरी जी को विराजमान कराने जा रहे हैं, तो इन वास्तु नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है।

स्थापना के लिए सबसे शुभ दिशा
वास्तु शास्त्र के अनुसार, किशोरी जी की प्रतिमा या चित्र को घर की उत्तर-पूर्व दिशा में स्थापित करना सर्वोत्तम होता है। यह दिशा सात्विक ऊर्जा का केंद्र होती है। यदि ईशान कोण में स्थान उपलब्ध न हो, तो आप उन्हें पूर्व या उत्तर दिशा में भी विराजमान करा सकते हैं।
श्री कृष्ण के संग या एकल विग्रह?
वास्तु और शास्त्र दोनों ही यह मानते हैं कि किशोरी जी की पूर्ण कृपा उनके प्राणप्रिय श्री कृष्ण के साथ पूजन करने से मिलती है। यदि संभव हो तो राधा-कृष्ण के विग्रह की एक साथ स्थापना करें। इसमें वास्तु नियम कहता है कि किशोरी जी सदैव श्री कृष्ण के बाएं ओर विराजमान होनी चाहिए।

स्थान की शुद्धता और ऊंचाई
किशोरी जी की प्रतिमा को कभी भी सीधे फर्श पर न रखें। उन्हें लकड़ी की चौकी या सिंहासन पर साफ वस्त्र बिछाकर ही विराजमान कराएं। प्रतिमा की ऊंचाई ऐसी होनी चाहिए कि जब आप बैठकर पूजा करें, तो आपकी दृष्टि किशोरी जी के श्री चरणों तक पहुंचे।
अखंड ज्योति व भोग का नियम
पूजा के समय घी का दीपक किशोरी जी के विग्रह के दाहिनी ओर रखें। किशोरी जी को माखन, मिश्री, रबड़ी या दूध से बनी मिठाइयों का भोग लगाएं। याद रखें कि उनके भोग में तुलसी दल अवश्य रखें, क्योंकि बिना तुलसी के श्री कृष्ण और किशोरी जी भोग स्वीकार नहीं करते।
