दुर्गा विसर्जन: इस विधि से करें मां की विदाई

2019-10-07T12:10:26.863

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हिंदू पंचांग के अनुसार शारदीय नवरात्रि का समापन आज हो महानवमी पर हो जाएगा। बहुत से लोग मां दुर्गा की प्रतिमा अपने घर या मंदिरों में रखते हैं और इसी बीच माता के भक्त अस्थाई रूप से प्रतिष्ठित मां दुर्गा भवानी की मूर्ति का 7 एवं 8 अक्टूबर को क्षमा प्रार्थना के साथ भावभीनी विदाई देते हुए विसर्जन करेंगे। इसी के साथ आज हम आपको विसर्जन का शुभ मुहूर्त व पूजा की विधि के बारे में बताने जा रहे हैं।  
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29 सितंबर से प्रारंभ हुआ पवित्र नवरात्रि महापर्व का समापन आज 7 अक्टूबर दिन दुर्गा महानवमी पूजन के साथ समाप्त होगा। पूरे दिनों तक श्रद्धालु माता के भक्तों ने माता की अस्थाई मूर्ति स्थापित करके श्रद्धा भक्ति के साथ उनकी आराधना वंदना, पूजन की और अंतिम दिन विशेष हवन यज्ञ के के पूर्णाहुति करके समापन करेंगे। समापन पूजा के साथ अस्थाई रूप से विराजमान मां आद्यशक्ति दुर्गा भवानी की प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। अगले बरस जल्द ही आने के भाव से श्रद्धालु नाचते गाते, विदाई गीत गाते हुए, पुष्पों और मालाओं से अबीर उड़ाते हुए मां दुर्गा भवानी को पूरे शहर, नगर, गांव की रक्षा के भाव से भ्रमण कराते हुए विदा करते हैं। चलिए जानते हैं विसर्जन का शुभ मुहूर्त-
7 अक्टूबर महानवमी के दिन सोमवार को श्री दुर्गा माता की अस्थाई मूर्ति के विर्सजन का मुहूर्त सुबह 11 बजकर 36 मिनट से शुरू होकर 8 अक्टूबर को रात्रि 11 बजकर 27 मिनट तक रहेगा।
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मां दुर्गा भवानी की प्रतिमा के विसर्जन के पूर्व माता की विधिवत आरती वंदना करने के बाद विशेष यज्ञ हवन माता के इन दिव्य बीज मंत्रों से करें। हवन पूजन, आरती के बाद छोटी-छोटी कन्याओं का पूजन करके उन्हें भोजन कराकर कुछ भेंट अवश्य करें। ऐसा करने से देवी आपकी सभी मनोकामना पूरी करेंगी।


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