December 2025 Vrat-Festival List: साल के अंतिम महीने में आएंगे ये पावन पर्व, जानें पूरे महीने का Calendar
punjabkesari.in Friday, Nov 28, 2025 - 01:47 PM (IST)
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December 2025 Vrat-Festival List: दिसंबर 2025 का महीना आरंभ होने वाला है और हिंदू पंचांग में यह समय बहुत पवित्र माना जाता है। इसकी शुरुआत मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की मोक्षदा एकादशी से होती है। कहा जाता है कि इस तिथि पर श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत रखने से पापों का क्षय होता है, मन को शांति मिलती है और आध्यात्मिक प्रगति का मार्ग खुलता है। इस पूरे महीने में कई महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार भी मनाए जाते हैं जैसे मोक्षदा एकादशी, सफला एकादशी, मार्गशीर्ष पूर्णिमा, कालाष्टमी, पुत्रदा एकादशी और पौष अमावस्या। साथ ही दिसंबर के दौरान ग्रहों के कई प्रमुख परिवर्तन भी होते हैं, जो धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से काफी प्रभावशाली माने जाते हैं। इस कारण यह महीना न केवल धार्मिक आस्था के लिए विशेष है, बल्कि ज्योतिषीय रूप से भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

दिसंबर माह के व्रत त्योहार
1 दिसंबर 2025 - मोक्षदा एकादशी, गीता जयंती
2 दिसंबर 2025 - प्रदोष व्रत
4 दिसंबर 2025 - अन्नपूर्णा जयंती, दत्तात्रेय जयंती, मार्गशीर्ष पूर्णिमा
5 दिसंबर 2025 - पौष माह शुरू
7 दिसंबर 2025 - अखुरथ संकष्टी चतुर्थी
11 दिसंबर 2025- कालाष्टमी, मासिक कृष्णाष्टमी
15 दिसंबर 2025 - सफला एकादशी
16 दिसंबर 2025 - धनु संक्रांति, खरमास शुरू
17 दिसंबर 2025 - प्रदोष व्रत
19 दिसंबर 2025 - पौष अमावस्या
24 दिसंबर 2025 - विनायक चतुर्थी
25 दिसंबर 2025- क्रिसमस
27 दिसंबर 2025 - गुरु गोविंद सिंह जयंती
30 दिसंबर 2025 - पौष पुत्रदा एकादशी
31 दिसंबर 2025 - बैकुंठ एकादशी

दिसंबर के प्रमुख त्योहारों का महत्व
मोक्षदा एकादशी और गीता जयंती (1 दिसंबर 2025)
मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की यह एकादशी सभी एकादशियों में सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है। मान्यता है कि इसका व्रत करने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है और उसके सभी पाप धुल जाते हैं।
गीता जयंती: इसी पावन तिथि पर भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र के मैदान में अर्जुन को श्रीमद्भगवद्गीता का उपदेश दिया था। इसलिए इस दिन गीता का पाठ करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
मार्गशीर्ष पूर्णिमा
मार्गशीर्ष माह की पूर्णिमा का हिंदू धर्म में बहुत खास स्थान है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने, दान-पुण्य करने और भगवान विष्णु की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसी दिन अन्नपूर्णा जयंती और दत्तात्रेय जयंती भी मनाई जाती है।
खरमास/धनु संक्रांति का आरंभ
इस दिन सूर्य देव धनु राशि में प्रवेश करते हैं। सूर्य के धनु राशि में प्रवेश के साथ ही खरमास शुरू हो जाता है। इस अवधि में विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश और नए व्यवसाय की शुरुआत जैसे सभी शुभ और मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। इस दौरान भगवान विष्णु की पूजा और दान-पुण्य का महत्व बढ़ जाता है।
गुरु गोबिंद सिंह जयंती (27 दिसंबर 2025)
यह सिखों के दसवें और अंतिम गुरु, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के जन्म के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। वे न केवल एक महान योद्धा थे, बल्कि एक आध्यात्मिक गुरु, कवि और दार्शनिक भी थे। इस दिन सिख समुदाय द्वारा भव्य नगर कीर्तन और लंगर का आयोजन किया जाता है।
पौष पुत्रदा एकादशी (30 दिसंबर 2025)
पौष मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली यह एकादशी विशेष रूप से संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले दंपत्तियों के लिए महत्वपूर्ण होती है। इस दिन भगवान विष्णु की विधिवत पूजा और व्रत करने से पुत्र रत्न की प्राप्ति का आशीर्वाद मिलता है।

