Guru Pradosh Vrat : 28 या 29 किस दिन रखा जाएगा अधिकमास का गुरु प्रदोष व्रत, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

punjabkesari.in Wednesday, May 27, 2026 - 11:23 AM (IST)

Guru Pradosh Vrat : हिंदू धर्म में शिव जी की कृपा प्राप्त करने और उन्हें प्रसन्न करने के लिए प्रदोष व्रत बहुत शुभ और खास माना जाता है। हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष का व्रत माना जाता है। गुरुवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष को गुरु प्रदोष कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से और पूरे विधि-विधान के साथ शिव जी और माता पार्वती की पूजा करने और व्रत रखने से वैवाहिक जीवन में खुशहाली और मधुरता बनी रहती है और जीवन में आ रही परेशानियों से छुटकारा मिलता है। तो आइए जानते हैं गुरु प्रदोष के शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में-

Guru Pradosh Vrat

गुरु प्रदोष व्रत 2026 तिथि और शुभ मुहूर्त 

हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 28 मई 2026 को सुबह 07 बजकर 57 मिनट से शुरू होगी और इसका समापन 29 मई 2026 को सुबह 09 बजकर 51 मिनट पर होगा। ऐसे में अधिकमास की गुरु प्रदोष व्रत 28 मई को मनाया जाएगा। 

Guru Pradosh Vrat

गुरु प्रदोष व्रत पूजा विधि

गुरु प्रदोष के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद साफ-सुथरे वस्त्र धारण करें। 

फिर घर के मंदिर की सफाई करने के बाद गंगाजल का छिड़काव करें और व्रत का संकल्प लें।

अब एक चौकी पर भगवान शिव और माता पार्वती की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। 

उसके बाद भोलेबाबा को बेलपत्र, धतूरा, भांग, शमी पत्र और चढ़ाएं और माता पार्वती को श्रृंगार का सामान अर्पित करें। 

फिर महादेव का ध्यान करते हुए उनके नामों और मंत्रों का जाप करें। 

अंत में शिव जी और माता पार्वती के समक्ष  घी का दीपक जलाएं और आरती करें। 

Guru Pradosh Vrat

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Content Editor

Sarita Thapa

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