Masik Shivratri 2026: आज मनाई जा रही चैत्र मास की शिवरात्रि, शिव पूजा का मुख्य शुभ मुहूर्त सिर्फ 48 मिनट

punjabkesari.in Tuesday, Mar 17, 2026 - 08:51 AM (IST)

Chaitra Masik Shivratri shubh muhurat 2026: हिंदू धर्म में शिवरात्रि का विशेष महत्व माना जाता है। महाशिवरात्रि के अलावा हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा करने और व्रत रखने से भक्तों के जीवन के कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

पंचांग के अनुसार चैत्र मास की मासिक शिवरात्रि 17 मार्च 2026 (मंगलवार) को मनाई जा रही है। इस दिन भगवान शिव की पूजा विशेष रूप से रात के समय की जाती है। खासकर प्रदोष काल और निशिता काल में शिव पूजा को अत्यंत शुभ माना गया है।

PunjabKesari Chaitra Masik Shivratri shubh muhurat

चैत्र मासिक शिवरात्रि 2026 तिथि
पंचांग के अनुसार:
कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि शुरू:
17 मार्च 2026, सुबह 09:23 बजे
तिथि समाप्त: 18 मार्च 2026, सुबह 08:25 बजे

क्योंकि शिव पूजा का विशेष महत्व रात के समय होता है, इसलिए इस दिन रात्रि में भगवान शिव की आराधना करना अधिक फलदायी माना जाता है।

मासिक शिवरात्रि 2026 शुभ मुहूर्त
मासिक शिवरात्रि के दिन निशिता काल को शिव पूजा का सबसे श्रेष्ठ समय माना जाता है।
निशिता काल पूजा (मुख्य मुहूर्त):
17 मार्च की देर रात 12:07 AM से 12:55 AM तक
कुल अवधि: लगभग 48 मिनट
यह समय भगवान शिव की विशेष पूजा, अभिषेक और मंत्र जाप के लिए अत्यंत शुभ माना गया है।

PunjabKesari Chaitra Masik Shivratri shubh muhurat

मासिक शिवरात्रि पूजा विधि
मासिक शिवरात्रि के दिन भक्त व्रत रखते हैं और पूरे विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा करते हैं।

पूजा की विधि इस प्रकार है:
सुबह स्नान कर घर के मंदिर या शिवालय में पूजा का संकल्प लें।
शिवलिंग का जल, दूध, दही, शहद और गंगाजल से अभिषेक करें।
इसके बाद बेलपत्र, धतूरा, आक का फूल और सफेद चंदन अर्पित करें।
भगवान शिव को भांग, फल और मिठाई का भोग लगाएं।
“ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें और शिव चालीसा का पाठ करें।
रात के समय निशिता काल में दोबारा शिवलिंग का अभिषेक कर आरती करें।

मासिक शिवरात्रि का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मासिक शिवरात्रि के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इस दिन व्रत रखने और शिव आराधना करने से पापों का नाश होता है और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दिन शिवलिंग पर जलाभिषेक करने से ग्रह दोष शांत होते हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। साथ ही यह भी माना जाता है कि अविवाहित लोगों को इस दिन व्रत और पूजा करने से योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति हो सकती है।

PunjabKesari Chaitra Masik Shivratri shubh muhurat

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Niyati Bhandari

Related News