Banke Bihari Mandir : 10 किलो चांदी की देहरी बनी विवाद की जड़, जानें बांके बिहारी मंदिर में क्यों नहीं हुआ पूजन ?
punjabkesari.in Sunday, Jan 25, 2026 - 08:33 AM (IST)
शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
Banke Bihari Mandir : वृंदावन के प्रसिद्ध ठाकुर श्री बांके बिहारी मंदिर में हाल ही में लगाई गई चांदी की नई चौखट को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। कानूनी आपत्तियों और परंपरागत नियमों के बीच मंदिर की हाई पावर्ड कमेटी ने वसंत पंचमी पर प्रस्तावित देहरी पूजन कार्यक्रम को अचानक रद्द कर दिया। तय समय पर मंदिर में कोई आधिकारिक पूजा नहीं हुई, जिससे श्रद्धालुओं में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
दरअसल, एक भक्त द्वारा मंदिर के गर्भगृह के मुख्य द्वार के लिए लगभग 10.5 किलो वजन की चांदी की देहरी भेंट की गई थी। 19 जनवरी को हुई समिति की बैठक में अध्यक्ष अशोक कुमार ने ऐलान किया था कि वसंत पंचमी के दिन सुबह विधिवत पूजा की जाएगी, जिसमें समिति के पदाधिकारी शामिल होंगे।
लेकिन इस घोषणा के बाद मामला विवादों में घिर गया। मंदिर के पूर्व अध्यक्ष गौरव गोस्वामी की ओर से समिति को कानूनी नोटिस भेजा गया। नोटिस में कहा गया कि देहरी पूजन हरिदासी परंपरा से जुड़ी एक विशेष धार्मिक विधि है, जिसे केवल संप्रदाय से जुड़े या दीक्षित भक्त ही कर सकते हैं। बाहरी लोगों द्वारा यह पूजा कराना मंदिर की पुरानी परंपराओं के खिलाफ बताया गया।
इसके साथ ही यह सवाल भी उठाया गया कि जब आम श्रद्धालुओं को विशेष पूजा की अनुमति नहीं दी जाती, तो समिति के सदस्य खुद यह अधिकार कैसे ले सकते हैं।
नोटिस मिलने के बाद समिति पर दबाव बढ़ गया। नतीजतन, तय कार्यक्रम के बावजूद पूजा नहीं कराई गई। मंदिर के सेवायत और समिति सदस्य दिनेश गोस्वामी ने सफाई देते हुए कहा कि कोई आधिकारिक कार्यक्रम पहले से तय नहीं था। हालांकि, अंदरखाने चर्चा है कि कानूनी अड़चन और सेवायतों के विरोध के चलते समिति ने आखिरी समय पर फैसला बदल लिया।
इस बीच, नई चौखट लगाने के दौरान एक रोचक तथ्य भी सामने आया। पुरानी देहरी हटाने पर वहां नीचे दबी हुई पांच पुरानी चौखटें मिलीं, जिनमें चार चांदी की और एक गिलट की बताई जा रही हैं। इन ऐतिहासिक धरोहरों को सुरक्षित रखने के लिए मंदिर प्रबंधन ने बैंक लॉकर में रखने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
फिलहाल मंदिर में नई चांदी की चौखट स्थापित हो चुकी है और अपनी चमक बिखेर रही है लेकिन इसके पूजन को लेकर उठा विवाद अब भी थमता नजर नहीं आ रहा है।
