Ayodhya Ram Mandir News: 2024 में मकर संक्रांति पर रामलला होंगे विराजमान

punjabkesari.in Wednesday, Oct 26, 2022 - 09:22 AM (IST)

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

नई दिल्ली/ अयोध्या (नवोदय टाइम्स): अयोध्या श्रीराम जन्म भूमि पर तैयार हो रहे राम मंदिर का आधा निर्माण हो चुका है और शेष निर्माण कार्य को 2023 दिसम्बर से पहले तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद 2024 में मकर संक्रांति (14 जनवरी) पर श्रीराम मंदिर के गर्भगृह में रामलला विराजमान होंगे। श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों ही रामलला को मंदिर के गर्भगृह में विराजमान कराया जाएगा।  

1100  रुपए मूल्य की जन्म कुंडली मुफ्त में पाएं। अपनी जन्म तिथि अपने नाम, जन्म के समय और जन्म के स्थान के साथ हमें 96189-89025 पर व्हाट्सएप करें

उन्होंने कहा कि अयोध्या दीपोत्सव पर पी.एम. नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी भी ली। उन्हें राम मंदिर का एक मॉडल भी भेंट किया गया। पी.एम. मोदी ने मंदिर गर्भगृह पहुंच कर तकनीकी टीम से हर बिंदुओं पर जानकारी ली। यहां बढ़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ की सुरक्षा को मजबूत करने के प्लान को तैयार करने को कहा। साथ ही 70 एकड़ के मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा, ताकि श्रद्धालुओं को रामलला के दर्शन में कोई दिक्कत न हो। 

चंपत राय ने बताया कि राम मंदिर का निर्माण कार्य 50 फीसदी पूरा हो चुका है। योजना है कि मकर संक्रांति के अवसर पर यहां रामलला विराजमान हों। जनवरी 2024 से भक्त दर्शन कर सकेंगे। मुख्य मंदिर में वंशी पहाड़पुर के खूबसूरत डिजाइन में तराशे पत्थरों से निर्माण हो रहा है जबकि गर्भगृह संगमरमर के पत्थरों के पिल्लर पर खड़ा किया जा रहा है। 

चंपत राय ने बताया की नागर शैली में बन रहे अष्टकोणीय श्रीराम मंदिर  का नृत्य मंडप, गूढ़ मंडप और महापीठ तैयार हो चुका है। गर्भगृह का काम भी 30 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। जल्द ही राम मंदिर के परकोटे का भी काम शुरू होने वाला है। परकोटा राम मंदिर से 27 मीटर दूर मंदिर के चारों तरफ  बनेगा, जिसकी लंबाई 800 मीटर व चौड़ाई 14 फुट होगी। भक्तों को गर्भगृह में 30 फुट दूर से रामलला के दर्शन हो सकेंगे। मंदिर के प्रथम तल में राम दरबार की स्थापना की जाएगी, जबकि मंदिर के दूसरे तल में क्या होगा इसको लेकर ट्रस्ट संतों से राय ले रहा है।

मंदिर की नींव तक पहुंची पी.एम. की संकल्प राशि चंपत राय के अनुसार दीपोत्सव में पी.एम. 25 स्टैप की बनी सीढ़ियो से गर्भगृह पर पहुंचे और वहां चढ़ावा पेश किया। पी.एम. द्वारा दिया गया चढ़ावा मंदिर के गर्भगृह में कछुए के मॉडल तक पहुंच गया है। मतलब पी.एम. की संकल्प राशि मंदिर की नींव तक पहुंच गई है। चंपत राय के अनुसार 14 जनवरी मकर संक्रांति के त्यौहार पर मंदिर के गर्भगृह में रामलला की मूर्तियों की स्थापना के बाद जनवरी 2024 में मंदिर भक्तों के लिए खोल दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंदिर का भूतल अगले साल दिसम्बर तक बनकर तैयार हो जाएगा। 

मंदिर निर्माण पर 1800 करोड़ रुपए खर्च का अनुमान ट्रस्ट महासचिव के अनुसार राम मंदिर के निर्माण पर अनुमानित 1,800 करोड़ रुपए खर्च होंगे। उन्होंने कहा कि प्रमुख हिंदू संतों की मूर्तियों के लिए भी जगह बनाई जाएगी। राम मंदिर के आसपास 70 एकड़ क्षेत्र में वाल्मीकि, केवट, शबरी, जटायु, सीता, विघ्नेश्वर (गणेश) और शेषावतार (लक्ष्मण) के मंदिर भी बनाए जाएंगे।

PunjabKesari kundli

 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Niyati Bhandari

Related News

Recommended News