Crude Oil Prices Down: ईरान पर अमेरिकी बयान, अचानक लुढ़के तेल के दाम

punjabkesari.in Thursday, Jan 15, 2026 - 11:36 AM (IST)

बिजनेस डेस्कः मौजूदा हालात में वैश्विक अर्थव्यवस्था काफी हद तक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसलों और बयानों के असर में नजर आ रही है। ईरान में जारी तनाव के बीच जब ट्रंप ने साफ किया कि अमेरिका फिलहाल वहां किसी तरह की सैन्य कार्रवाई नहीं करेगा, तो इसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल बाजार पर पड़ा।

अब तक तेजी से चढ़ रहे तेल के दाम अचानक फिसल गए। छह कारोबारी दिनों की लगातार बढ़त के बाद ब्रेंट क्रूड 65 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया, जबकि अमेरिकी WTI क्रूड करीब 60 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। तेल की कीमतों में लगभग 3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई रोकने का भरोसा दिया है। इससे युद्ध की आशंका और तेल आपूर्ति बाधित होने का खतरा फिलहाल कम हुआ है, जिसका असर बाजार की धारणा पर पड़ा।

हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं

हालांकि, ईरान में स्थिति अब भी पूरी तरह शांत नहीं मानी जा रही है। सुरक्षा कारणों से कुछ इलाकों में हवाई सेवाएं स्थगित कर दी गई हैं और अमेरिका ने एहतियातन अपने कुछ सैनिकों को अन्य स्थानों पर तैनात किया है।

इस साल तेल की कीमतों में तेजी का बड़ा कारण ईरान और वेनेजुएला जैसे देशों में जारी राजनीतिक अस्थिरता रही है। इस बीच ट्रंप ने वेनेजुएला के नेताओं से बातचीत कर संकेत दिए हैं कि अमेरिका ओपेक में उसकी भूमिका का समर्थन कर सकता है।

कमोडिटी विशेषज्ञों का मानना है कि अगर भू-राजनीतिक तनाव दोबारा बढ़ता है तो तेल 75 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकता है। वहीं, हालात सुधरने की स्थिति में कीमतों में फिर नरमी देखने को मिल सकती है।

इधर, भारतीयों के लिए ट्रंप की टैरिफ नीति से ज्यादा चिंता अब एच-1बी वीजा को लेकर बढ़ रही है। रिन्यूअल के लिए भारत आए कई लोग यहीं फंसे हुए हैं, जिससे उनकी नौकरियों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।


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Content Writer

jyoti choudhary

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