Why Gold-Silver Rising: 2026 की पहली बड़ी तेजी, 12200 रुपए महंगी हुई चांदी, तेजी के पीछे ये हैं कारण

punjabkesari.in Monday, Jan 12, 2026 - 12:47 PM (IST)

बिजनेस डेस्कः सोने और चांदी की कीमतों ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। सोमवार, 12 जनवरी को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में दोनों कीमती धातुएं रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गईं। स्पॉट गोल्ड का भाव करीब 2 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,586.10 डॉलर प्रति औंस के अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। वहीं चांदी ने भी जबरदस्त उछाल दिखाते हुए 84.29 डॉलर प्रति औंस का नया ऑलटाइम हाई छू लिया। वहीं MCX पर 2381 रुपए उछल कर 1,41,200 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। चांदी ने 12206 रुपए की छलांग लगाई है, जो कि 2,64,931 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया है। यह साल 2026 में सोना-चांदी का पहला रिकॉर्ड हाई है।

सुरक्षित निवेश की मांग से आई तेजी

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, दुनिया भर में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका में ब्याज दरों में संभावित कटौती की उम्मीदों ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर मोड़ दिया है। इसी कारण बुलियन मार्केट में मजबूत खरीदारी देखने को मिल रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों की निगाहें अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में ट्रंप टैरिफ से जुड़े संभावित फैसले पर भी टिकी हुई हैं। इसके अलावा दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में जारी राजनीतिक और सैन्य तनावों ने बाजार की अनिश्चितता को और बढ़ा दिया है, जिससे सोने-चांदी को अतिरिक्त सपोर्ट मिल रहा है।

महंगाई, ट्रेड डेटा और फेड के संकेत इस हफ्ते तय करेंगे बाजार की दिशा

इस हफ्ते वैश्विक स्तर पर कई अहम आर्थिक आंकड़े भी जारी होने वाले हैं। भारत, अमेरिका और जर्मनी अपनी महंगाई दर (Inflation) के आंकड़े पेश करेंगे, जबकि चीन से व्यापार और निवेश से जुड़े डेटा सामने आएंगे। इसके साथ ही अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अधिकारियों के बयानों पर भी बाजार की नजर रहेगी, जो आगे की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

गिरावट में खरीदारी का मौका, तेजी का रुझान बरकरार

JM फाइनेंशियल सर्विसेज में कमोडिटी और करेंसी रिसर्च के वाइस प्रेसिडेंट प्रणव मेर का मानना है कि बुलियन मार्केट में तेजी का रुझान फिलहाल बना रह सकता है। उनके अनुसार, किसी भी हल्की गिरावट को निवेश के मौके के तौर पर देखा जाना चाहिए। सुरक्षित निवेश की मजबूत मांग और मिलेजुले आर्थिक संकेत कीमतों को सहारा दे रहे हैं, हालांकि डॉलर की मजबूती कभी-कभी तेजी पर ब्रेक लगा सकती है।

वहीं एंजल वन (Angel One) के डीवीपी (रिसर्च) प्रतमेश मल्ल्या का कहना है कि अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के बावजूद सोने और चांदी का लॉन्ग-टर्म ट्रेंड मजबूत बना हुआ है। उनके मुताबिक, आने वाले दिनों में अमेरिकी डॉलर की चाल, फेड की मौद्रिक नीति और महंगाई व रोजगार से जुड़े आंकड़े कीमतों की दिशा तय करेंगे। तकनीकी आधार पर उन्होंने भारत में सोने की कीमत ₹1.41 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंचने की संभावना जताई है।

प्रणव मेर ने यह भी बताया कि गोल्ड और सिल्वर ETF में लगातार मजबूत निवेश देखने को मिल रहा है, जो यह संकेत देता है कि निवेशक जोखिम से बचाव के लिए इन धातुओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। चांदी के मजबूत स्ट्रक्चर को देखते हुए उन्होंने लॉन्ग टर्म में इसके ₹2.80 लाख से ₹3 लाख प्रति किलो तक पहुंचने की संभावना भी जताई है। 


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Content Writer

jyoti choudhary

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