Gold-Silver rate in Delhi: 2026 में चांदी का धमाल, 15,000 रुपए उछलकर 2.86 लाख के नए शिखर पर
punjabkesari.in Thursday, Jan 15, 2026 - 10:45 AM (IST)
बिजनेस डेस्कः चांदी की कीमत बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी में 15,000 रुपए की जबरदस्त उछाल के साथ 2,86,000 रुपए प्रति किलोग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई जबकि सोने की कीमत भी वैश्विक बाजार में मजबूत रुझानों के अनुरूप 1,46,500 रुपए प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। अखिल भारतीय सर्राफा संघ ने कहा कि चांदी ने लगातार चौथे दिन जोरदार तेजी जारी रखी। मंगलवार को 2,71,000 रुपए प्रति किलोग्राम पर बंद हुई चांदी बुधवार को 5.5 प्रतिशत यानी 15,000 रुपए की अभूतपूर्व तेजी के साथ 2,86,000 रुपए प्रति किलोग्राम (सभी करों समेत) पर पहुंच गई। यह चांदी के भाव का अब तक का सर्वोच्च स्तर है। पिछले चार सत्रों में ही यह धातु 17.45 प्रतिशत यानी 42,500 रुपए की जबर्दस्त बढ़त हासिल कर चुकी है। आठ जनवरी को चांदी की कीमत 2,43,500 रुपए थी।
सर्राफा कारोबारियों ने कहा कि चांदी ने हाल के समय में सोने की तुलना में बेहतर रिटर्न दिया है। वर्ष 2026 की शुरुआत से अब तक चांदी ने लगभग 47,000 रुपए प्रति किलो यानी 20 प्रतिशत की तेजी दिखाई है। यह 31 दिसंबर, 2025 को 2,39,000 रुपए प्रति किलोग्राम पर थी। वहीं, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत बुधवार को 1,500 रुपए चढ़कर 1,46,500 रुपए प्रति 10 ग्राम (सभी करों समेत) तक पहुंच गई। मंगलवार को पीली धातु 1,45,000 रुपए प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुई थी। पिछले चार सत्रों में सोने की कीमत 1,40,500 रुपए से 6,000 रुपए यानी 4.3 प्रतिशत बढ़ चुकी है। साल की शुरुआत से अब तक सोने में कुल 8,800 रुपए यानी 6.4 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है। घरेलू बाजार में कीमती धातुओं की तेजी विदेशी बाजारों के तेज रुझानों के अनुरूप है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हाजिर चांदी ने पहली बार 91 डॉलर प्रति औंस की सीमा पार करते हुए पांच प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ 91.56 डॉलर प्रति औंस का रिकॉर्ड बना दिया। इस दौरान सोने का हाजिर भाव भी 1.14 प्रतिशत चढ़कर 4,640.13 प्रति औंस के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। विशेषज्ञों ने कहा कि वैश्विक स्तर पर लगातार भू-राजनीतिक अस्थिरता की स्थिति, कमजोर डॉलर सूचकांक और अमेरिका में मुद्रास्फीति के नरम आंकड़े निवेशकों के लिए सुरक्षित विकल्पों की मांग को बढ़ा रहे हैं। इसके साथ ही अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा संभावित ब्याज दर में कटौती की उम्मीदों ने भी सोना और चांदी को निवेशकों के लिए आकर्षक बनाया है।
