Silver Price Drop: अचानक इन कारणों से चांदी की कीमतों में आई गिरावट, जान लीजिए वजह
punjabkesari.in Friday, Mar 13, 2026 - 02:36 PM (IST)
बिजनेस डेस्कः ग्लोबल कमोडिटी मार्केट में इस समय चांदी की कीमतों में अचानक कमजोरी देखने को मिल रही है। शुक्रवार को स्पॉट सिल्वर करीब 2% गिरकर 82.21 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। पहली नजर में यह सिर्फ कीमतों में गिरावट लग सकती है लेकिन इसके पीछे तेल की बढ़ती कीमतें, मिडिल ईस्ट का तनाव और अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदें जैसे बड़े कारण छिपे हुए हैं।
वहीं MCX पर भी चांदी में 5119 रुपए की गिरावट आई है। असल में वैश्विक अर्थव्यवस्था एक-दूसरे से इतनी जुड़ी हुई है कि किसी एक क्षेत्र की हलचल दूसरे बाजारों पर तुरंत असर डाल देती है। अभी चांदी के साथ भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है।
दरअसल चांदी की इस गिरावट की कहानी कच्चे तेल से शुरू होती है। जब तेल महंगा होता है तो ट्रांसपोर्ट, बिजली और फैक्ट्री की लागत बढ़ जाती है, जिससे महंगाई पर दबाव आता है। फिलहाल मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास की स्थिति के कारण तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। यह समुद्री रास्ता बेहद अहम है क्योंकि दुनिया का करीब 20% तेल इसी मार्ग से गुजरता है।
कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर के करीब
तनाव बढ़ने के कारण इस हफ्ते कच्चे तेल की कीमत फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई। तेल की महंगाई का असर सीधे महंगाई के अनुमान और ब्याज दरों की नीति पर पड़ता है।
साल की शुरुआत में चांदी की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला था क्योंकि बाजार को उम्मीद थी कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व 2026 में तीन बार ब्याज दरों में कटौती करेगा लेकिन जनवरी और फरवरी में महंगाई उम्मीद से ज्यादा रहने के बाद पहली रेट कट की संभावना जून तक खिसक गई है।
अब ऊर्जा की बढ़ती कीमतों के कारण यह उम्मीद और आगे जा सकती है। कुछ वैश्विक निवेश बैंकों का अनुमान है कि फेड अब सितंबर और दिसंबर में ब्याज दरों में कटौती कर सकता है, हालांकि यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगा कि मिडिल ईस्ट का तनाव और तेल की सप्लाई कब सामान्य होती है।
इंडस्ट्रियल डिमांड मजबूत
हालांकि चांदी की कीमतों में ज्यादा गिरावट इसलिए नहीं आ रही क्योंकि इसकी इंडस्ट्रियल डिमांड मजबूत बनी हुई है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और ग्रीन एनर्जी जैसे सेक्टरों में चांदी की मांग तेजी से बढ़ रही है, जो कीमतों को सहारा दे रही है।
