चांदी के लिए 24-36 घंटे अहम, 3 लाख का स्तर छू सकती हैं कीमतें! ये 8 फैक्टर दे रहे हैं बड़ा संकेत
punjabkesari.in Wednesday, Jan 14, 2026 - 04:52 PM (IST)
बिजनेस डेस्कः अगले 24 से 36 घंटे चांदी के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं। बाजार में ऐसे कई मजबूत फैक्टर्स एक साथ एक्टिव हैं, जो चांदी की कीमतों को ₹3 लाख प्रति किलो के ऐतिहासिक स्तर तक पहुंचा सकते हैं। मंगलवार को बाजार बंद होने तक चांदी का भाव 2,75,187 रुपए था। बुधवार को यह 12,803 रुपए उछल कर 2,87,990 रुपए के नए रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गई। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तेजी जारी रहती है तो 15 जनवरी को बाजार बंद होने से पहले चांदी ₹3 लाख प्रति किलो का आंकड़ा छू सकती है।
अमेरिका के महंगाई आंकड़ों से मिला सपोर्ट
अमेरिका में दिसंबर का महंगाई डेटा 2.7% पर आया है, जो अनुमान के अनुरूप है। इससे फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद फिर से मजबूत हुई है। इसी वजह से इंटरनेशनल मार्केट में सोना और चांदी दोनों में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 90 डॉलर प्रति औंस के ऊपर निकल चुकी है, जबकि सोना अपने ऑल-टाइम हाई के बेहद करीब पहुंच गया है।
फेड और ट्रंप के बीच बढ़ता टकराव
फेडरल रिजर्व और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच टकराव लगातार गहराता जा रहा है। ट्रंप द्वारा फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल पर लगाए गए गंभीर आरोपों और फेड की स्वतंत्रता को लेकर उठे सवालों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। अगर नेतृत्व में बदलाव होता है और दर कटौती का रास्ता साफ होता है, तो चांदी की कीमतों को और मजबूती मिल सकती है।
टैरिफ पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला
15 जनवरी को अमेरिका में ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने की संभावना है। इस फैसले को लेकर बाजार में भारी अनिश्चितता बनी हुई है। किसी भी तरह का राजनीतिक या कानूनी तनाव निवेशकों को सेफ-हेवन एसेट्स की ओर ले जा रहा है, जिससे सोने के साथ-साथ चांदी को भी सपोर्ट मिल रहा है।
जियो-पॉलिटिकल टेंशन से बढ़ी सुरक्षित निवेश की मांग
ईरान, वेनेजुएला, क्यूबा और कंबोडिया को लेकर अमेरिका की सख्त बयानबाजी और रूस-यूक्रेन संकट में अनिश्चितता ने वैश्विक तनाव को बढ़ा दिया है। इसके चलते निवेशक तेजी से सेफ-हेवन की ओर शिफ्ट हो रहे हैं, जिसका सीधा फायदा चांदी को मिल रहा है।
गोल्ड-सिल्वर रेश्यो दे रहा बड़ा संकेत
गोल्ड-सिल्वर रेश्यो फिलहाल करीब 51.5 के स्तर पर है, जो 2013 के बाद का निचला स्तर माना जा रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर यह रेश्यो 43–45 के दायरे में आता है, तो चांदी अंतरराष्ट्रीय बाजार में 100 डॉलर प्रति औंस और घरेलू बाजार में ₹3 लाख प्रति किलो का स्तर पार कर सकती है।
इंडस्ट्रियल डिमांड भी बन रही बड़ा ट्रिगर
चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड, खासकर सोलर और क्लीन एनर्जी सेक्टर से, लगातार बढ़ रही है। रिसर्च रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2027 तक सोलर एनर्जी सेक्टर को सालाना चांदी की सप्लाई का 20% से ज्यादा हिस्सा चाहिए होगा। 2050 तक सोलर पैनल उत्पादन में मौजूदा वैश्विक चांदी भंडार का 85–98% तक इस्तेमाल होने की संभावना है, जबकि सप्लाई पहले से ही सीमित है।
रुपए की कमजोरी से घरेलू कीमतों को सपोर्ट
डॉलर के मुकाबले रुपए में कमजोरी भी चांदी की घरेलू कीमतों को ऊपर धकेल रही है। चूंकि चांदी इंपोर्ट की जाती है, ऐसे में रुपए में गिरावट का सीधा असर कीमतों पर पड़ता है। इस साल डॉलर के मुकाबले रुपए में 5% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की जा चुकी है।
एक्सपर्ट्स की राय
केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया के मुताबिक, अगर गोल्ड-सिल्वर रेश्यो 43 के स्तर तक आता है, तो चांदी अंतरराष्ट्रीय बाजार में 100 डॉलर प्रति औंस और घरेलू बाजार में ₹3 लाख प्रति किलो का आंकड़ा छू सकती है। जियो-पॉलिटिकल तनाव, ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद, बढ़ती इंडस्ट्रियल डिमांड और रुपए की कमजोरी- ये सभी फैक्टर चांदी को मजबूती दे रहे हैं।
