Gold Rate Today: ईरान-ईजराइल युद्ध के बीच सोना-चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल, जानें 24 कैरेट 10 ग्राम Gold का रेट
punjabkesari.in Monday, Mar 02, 2026 - 10:06 AM (IST)
नई दिल्ली : सोमवार की सुबह भारतीय सर्राफा बाजार के लिए किसी कयामत से कम नहीं रही, जहां कदम-कदम पर महंगाई और अनिश्चितता का बारूद बिछा नजर आया। मिडिल ईस्ट में जारी भीषण युद्ध और वैश्विक तनाव के बीच निवेशकों ने अपना सारा भरोसा शेयर बाजार से खींचकर कीमती धातुओं पर टिका दिया है। इसका नतीजा यह हुआ कि बाजार खुलते ही सोने और चांदी की कीमतों ने ऐसी छलांग लगाई कि खरीदारों के पसीने छूट गए। विशेषज्ञों का मानना है कि जब दुनिया में युद्ध का साया गहराता है, तब सोना सबसे सुरक्षित ठिकाना बन जाता है, और आज के भाव इसी 'खौफ' की गवाही दे रहे हैं।
MCX पर सोने की ऐतिहासिक छलांग: 1.67 लाख के पार
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आज जो आंकड़े सामने आए, उन्होंने अब तक के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। अप्रैल वायदे वाले 24 कैरेट सोने की कीमतों में 3.17 प्रतिशत यानी करीब 5,131 रुपये की भारी तेजी दर्ज की गई, जिससे भाव 1,67,235 रुपये प्रति 10 ग्राम के अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गए। यह वर्टिकल जंप बताता है कि बाजार में इस समय मांग और आपूर्ति का संतुलन पूरी तरह बिगड़ चुका है। ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी जंग ने कच्चे तेल में 13 प्रतिशत की 'सुनामी' ला दी है, जिसका सीधा असर सोने की चमक को और ज्यादा भड़काने में मददगार साबित हो रहा है।
चांदी की चमक हुई बेकाबू: 3 लाख के करीब पहुंचा भाव
सिर्फ सोना ही नहीं, बल्कि चांदी ने भी निवेशकों को अचंभित कर दिया है। 5 मार्च वायदे वाली चांदी की कीमतों में 3.49 प्रतिशत का जोरदार उछाल देखा गया, जो रुपयों में 9,856 रुपये की बढ़त के बराबर है। इस तेजी के साथ चांदी अब 2,92,500 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर जा पहुंची है। बाजार के जानकारों का कहना है कि जिस रफ्तार से चांदी 3 लाख के मनोवैज्ञानिक स्तर की ओर बढ़ रही है, उससे साफ है कि औद्योगिक मांग के साथ-साथ सुरक्षित निवेश की होड़ ने कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया है।
युद्ध, डर और होली की छुट्टी का त्रिकोणीय असर
कीमतों में आई इस आग के पीछे सबसे बड़ा कारण ईरान-अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ता तनाव है। ईरान के सर्वोच्च नेता की मौत के बाद पाकिस्तान में भड़की हिंसा और ओपेक देशों द्वारा तेल उत्पादन बढ़ाने के ऐलान ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में खलबली मचा दी है। इस बीच, कल यानी मंगलवार को होली के अवसर पर शेयर बाजार और कमोडिटी मार्केट बंद रहेंगे। ऐसे में बुधवार को जब बाजार दोबारा खुलेगा, तब यह देखना चुनौतीपूर्ण होगा कि क्या निवेशक मुनाफावसूली करेंगे या कीमतों का यह 'स्पाइक' और भी भयावह रूप लेगा।
क्या इस समय खरीदारी करना समझदारी है?
वर्तमान स्थिति को देखते हुए वित्तीय सलाहकार आम खरीदारों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। बाजार इस समय 'ओवरहीटेड' जोन में है, जहां कीमतें अस्थाई रूप से बहुत ऊपर चली गई हैं। यदि बहुत अनिवार्य न हो, तो इस भारी उतार-चढ़ाव (Volatility) के बीच नई खरीदारी से बचना ही बेहतर है। ऊंचे भाव पर निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि युद्ध की खबरों में जरा सा भी बदलाव कीमतों को तेजी से नीचे भी ला सकता है। किसी भी बड़े निवेश से पहले बाजार की स्थिरता का इंतजार करना और विशेषज्ञों से परामर्श लेना ही इस समय की सबसे बड़ी जरूरत है।
