Gold ETF: सोने से दूरी बना रहे निवेशक, जनवरी के रिकॉर्ड के बाद फरवरी में Gold ETF में आई बड़ी गिरावट
punjabkesari.in Tuesday, Mar 10, 2026 - 04:28 PM (IST)
बिजनेस डेस्कः साल की शुरुआत में निवेशकों के बीच सोने को लेकर जो उत्साह देखने को मिला था, उसमें फरवरी के दौरान कुछ ठहराव नजर आया है। सेफ हेवन माने जाने वाले गोल्ड ईटीएफ में निवेश जनवरी की तुलना में काफी कम रहा। हालांकि बाजार विशेषज्ञ इसे निवेशकों के भरोसे में कमी नहीं, बल्कि जनवरी में हुई असाधारण खरीद के बाद सामान्य स्थिति में लौटना मान रहे हैं।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार फरवरी 2026 में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (Gold ETF) में लगभग 5,255 करोड़ रुपए का निवेश आया। यह जनवरी में आए करीब 24,040 करोड़ रुपए के निवेश की तुलना में काफी कम है यानी एक महीने में निवेश का स्तर लगभग एक चौथाई रह गया।
दरअसल जनवरी में वैश्विक अनिश्चितताओं और शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण निवेशकों ने बड़ी मात्रा में सोने की ओर रुख किया था। अपने निवेश पोर्टफोलियो को सुरक्षित रखने के लिए कई निवेशकों ने गोल्ड ईटीएफ में रिकॉर्ड पैसा लगाया था। उस समय गोल्ड ईटीएफ में आया निवेश इक्विटी म्यूचुअल फंड में आने वाले निवेश के स्तर के करीब पहुंच गया था।
सोने से भरोसा हुआ कम
विशेषज्ञों का कहना है कि फरवरी में निवेश घटने का मतलब यह नहीं है कि निवेशकों का सोने से भरोसा कम हो गया है। बल्कि जनवरी में भारी खरीद के बाद कई निवेशकों ने फिलहाल नई खरीद को कुछ समय के लिए टाल दिया है।
अगर सभी पैसिव फंड कैटेगरी को मिलाकर देखा जाए तो फरवरी में कुल निवेश करीब 13,879 करोड़ रुपए रहा। इसमें इंडेक्स फंड, गोल्ड ईटीएफ, अन्य ईटीएफ और विदेशों में निवेश करने वाले फंड ऑफ फंड्स शामिल हैं। यह जनवरी के लगभग 39,954 करोड़ रुपए के रिकॉर्ड निवेश से काफी कम है, हालांकि दिसंबर के करीब 11,000 करोड़ रुपए के स्तर से थोड़ा ज्यादा है।
फरवरी में इंडेक्स फंड्स में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही और इस श्रेणी में करीब 3,233 करोड़ रुपए का निवेश आया। वहीं अन्य ईटीएफ में लगभग 4,487 करोड़ रुपए का निवेश दर्ज किया गया। विदेशों में निवेश करने वाले फंड ऑफ फंड्स में भी करीब 904 करोड़ रुपए का निवेश आया।
कुल मिलाकर बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि गोल्ड ईटीएफ में फरवरी के दौरान आई गिरावट निवेश चक्र का सामान्य हिस्सा है। जब तक वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता बनी रहती है, तब तक निवेश पोर्टफोलियो में सोने की भूमिका मजबूत बनी रहने की संभावना है।
