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महंगाई की मार: सब्जियों ने बिगाड़ा रसोई का बजट

2020-07-07T10:43:55.82

नई दिल्लीः कोविड-19 महामारी की वजह से फूड आइटम के साथ सब्जियों के दाम भी अब आसमान छूने लगे हैं। आलू, गोभी, प्याज, टमाटर जैसी रोजाना इस्तेमाल होने वाली सब्जियां 25 प्रतिशत से 200 प्रतिशत तक महंगी हो गई हैं। सबसे ज्यादा उछाल टमाटर की कीमतों में आया है। गृहिणियों का कहना है कि इस महंगाई ने उनकी रसोई का बजट ही बिगाड़ दिया है। सब्जी व्यापारियों का कहना है कि बारिश से फसल खराब होने की वजह से सब्जियों की कीमतें बढ़ी हैं।

दिल्ली की आजादपुर एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्कीटिंग कमेटी के अध्यक्ष आदिल अहमद खान ने कहा कि बारिश के मौसम में आवक कम होने से ज्यादातर हरी सब्जियों की कीमतें पिछले एक महीने में बढ़ रही हैं। सब्जियों की कीमतें बढऩे का एक अन्य कारण डीजल की बढ़ती कीमत भी है। उन्होंने बताया कि सब्जी व्यापारियों का कहना है कि डीजल महंगा होने की वजह से सब्जियों के ट्रांसपोर्टेशन की लागत बढ़ गई है।

बारिश की वजह से महंगी हुईं सब्जियां
ग्रेटर नोएडा के रिटेलर मुनेंद्र भी महंगी सब्जियां बेच रहे हैं। उनके खुद के खेत हैं और सब्जियों को दुकानों तक पहुंचाने के लिए उन्हें ट्रांसपोर्ट पर भी खर्च नहीं करना पड़ता। उन्होंने अपने खेत से बैंगन, लौकी, करेला, ङ्क्षभडी, ककड़ी जैसी सब्जियों की खेती की है। वे कहते हैं कि बारिश के मौसम में फसलें खराब हो जाती हैं, जिससे पैदावार कम रह जाती है। इसी वजह से सब्जियों के दाम बढ़ रहे हैं।

ओखला मंडी के एजैंट विजय आहूजा ने कहा कि हर साल बारिश के मौसम में सब्जियों की आवक कम हो जाती है, जिसकी वजह से इनकी कीमतें बढ़ती रहती हैं। भोपाल में भी सब्जियों के दाम बीते 2 सप्ताह से लगातार बढ़ रहे हैं। इस बारे में सब्जी व्यापारी रामप्रसाद कुश्वाह ने बताया कि बारिश के मौसम में थोक मंडी में सब्जियां पहले से कम आ रही हैं, जिसकी वजह से उन्हें भी महंगी सब्जियां खरीदनी पड़ रही हैं।

हाऊस वाइफ  का कहना सब्जियों से सस्ती दाल
भोपाल निवासी ज्योति जो हाऊस वाइफ  हैं, कहती हैं कि सब्जियां महंगी होने से मंथली खर्च का बजट बिगड़ गया है। पिछले महीने की तुलना में इस महीने सब्जियों के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। वे ज्यादा सब्जी खरीदकर भी स्टॉक नहीं कर सकती क्योंकि उनके सडऩे का डर है। टमाटर अब इतने महंगे हो रहे हैं कि उन्हें सब्जियों की लिस्ट से बाहर करना पड़ रहा है। एक अन्य हाउस वाइफ नीतू की किचन का बजट भी बिगड़ गया है। उन्होंने कहा कि गोभी, शिमला मिर्च, टमाटर कुछ समय के लिए खाना बंद करना पड़ेगा क्योंकि इन्हें खरीदने से महीने का पूरा बजट बिगड़ रहा है। पहले वे खाने में 2 सब्जियां बनाती थीं लेकिन अब सिर्फ  एक सब्जी से काम चला रही हैं। सब्जियों की तुलना में दाल सस्ती लग रही है।

ऑनलाइन मार्कीट में भी कीमतें बढ़ी
ऑनलाइन ग्रॉसरी और सब्जियां बेचने वाली ई-कॉमर्स कम्पनियों ने भी सब्जियों के दाम बढ़ा दिए हैं। ग्रोफर्स, बिग बास्केट, नेचर बास्केट पर सब्जियां अलग-अलग कीमत में मौजूद है। इनकी आपस की कीमतों में 90 रुपए तक का अंतर है।


 


jyoti choudhary

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